
पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार में 1 अगस्त को जारी हुई मतदाता सूची के मसौदे (ड्राफ्ट) को लेकर सियासत तेज हो गई है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद जारी इस सूची पर विपक्ष ने गंभीर सवाल उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दावा किया कि उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव आयोग ने इस बार 65 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए, जो लगभग 8.5% है। उनके अनुसार, हर विधानसभा क्षेत्र से 20-30 हजार नाम काटे गए हैं और इस प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि मतदाता सूची से जानबूझकर नाम हटाए गए और इसे लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
तेजस्वी के इस दावे पर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने पलटवार करते हुए इसे ‘फर्जी और भ्रामक’ करार दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उन्होंने लिखा, “फर्जी खबर की खुली पोल। तेजस्वी यादव का यह दावा कि SIR के बाद उनका नाम मतदाता सूची से गायब है, पूरी तरह गलत है। उनका नाम क्रमांक 416 पर दर्ज है। कृपया तथ्य जांचें, फिर जानकारी साझा करें।”
अमित मालवीय ने अपने पोस्ट के साथ मतदाता सूची का स्क्रीनशॉट भी साझा किया, जिसमें तेजस्वी का नाम मतदान केंद्र संख्या 204, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पुस्तकालय भवन, क्रम संख्या 416 पर दर्ज है। उन्होंने बताया कि पहले उनका नाम मतदान केंद्र संख्या 171, क्रम संख्या 481 पर था, जिसे अब नए केंद्र पर दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि 1 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में नामों की बड़े पैमाने पर कटौती को लेकर विपक्ष हमलावर है, जबकि सत्तापक्ष का दावा है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत और पारदर्शी तरीके से की गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बिहार की सियासत और गर्माने के आसार हैं।
