Tuesday, February 17, 2026
Homeउत्तर प्रदेशविनती महादेव से

विनती महादेव से

बचपन के मित्र हैं हम दोनों
एक साथ खेले और कूदे हैं,
साथ साथ पढ़े लिखे भी हैं,
साथ साथ ही बड़े भी हुये हैं।

इसीलिये शायद हम – आप
परम स्नेही मित्र बन सके हैं,
आत्मीयता के साथ साथ ही
हमारे मन आपस में मिलते हैं।

आप सनातन प्रेमी शिव सेवक,
मैं हूँ शिव-शिवा का परम भक्त,
हमारे निवास स्थान की दूरी भी,
हमको नहीं कर सकती विरक्त।

हम दोनों दूरी के मोहताज नहीं हैं,
मन से मन का मेल सदा से ही है,
आदित्य मित्रता प्रभू बनाये रखें,
ये विनती महादेव शिव जी से है।

डा. कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments