Wednesday, March 11, 2026
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धार्मिक जगत में शोक, राम जानकी मठ के महंत श्री भगवान दास का देहावसान

राम जानकी मठ के महंत श्री भगवान दास का निधन, सिसोतार गांव में शोक की लहर

सिकंदरपुर / बलिया (राष्ट्र की परम्परा) बलिया जनपद के सिकंदरपुर क्षेत्र अंतर्गत सिसोतार गांव स्थित प्राचीन राम जानकी मठ के महंत श्री भगवान दास का शनिवार को निधन हो गया। वे 85 वर्ष के थे और बीते एक सप्ताह से अस्वस्थ चल रहे थे। इलाज के लिए उन्हें वाराणसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
महंत श्री भगवान दास के निधन की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सिसोतार गांव सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में श्रद्धालुओं और अनुयायियों में गहरा दुख देखा गया। वे न केवल एक प्रतिष्ठित संत थे, बल्कि अपने सरल स्वभाव, धार्मिक निष्ठा और समाजसेवी कार्यों के लिए व्यापक रूप से सम्मानित थे।
महंत श्री भगवान दास लंबे समय से राम जानकी मठ की सेवा में समर्पित थे। उनके सान्निध्य में मठ धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहा। उनके मार्गदर्शन में नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठान, भंडारे, सत्संग और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे, जिनमें दूर-दराज से श्रद्धालु शामिल होते थे।

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उनके निधन से मठ परिवार, श्रद्धालुओं और क्षेत्रीय समाज को अपूरणीय क्षति पहुंची है। सूचना के बाद से ही बड़ी संख्या में अनुयायी और ग्रामीण मठ परिसर पहुंचने लगे हैं। लोग उनके पार्थिव शरीर के सिसोतार गांव पहुंचने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। देर रात तक पार्थिव शरीर के गांव लाए जाने की संभावना जताई गई है।
मठ समिति के सदस्यों के अनुसार, महंत श्री भगवान दास का अंतिम संस्कार रविवार को राम जानकी मठ परिसर में ही पूरे वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न किया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साधु-संतों, श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
क्षेत्र के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है और इसे आध्यात्मिक जगत के लिए एक बड़ी क्षति बताया है।

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