Thursday, January 15, 2026
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5001 दीपों से सजेगा राप्ती घाट, पत्रकारों ने संभाली सांस्कृतिक विरासत की जिम्मेदारी

🌸 5001 दीपों से जगमगाएगी मां राप्ती की आरती — गोरखपुर में देव दीपावली का भव्य संगम, पत्रकारों का अनूठा पहल

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)।गोरखपुर की पावन धरती इस बार एक अद्भुत दृश्य की साक्षी बनेगी — जब देवउठनी एकादशी के शुभ अवसर पर राप्ती नदी का तट हजारों दीपों की ज्योति से आलोकित होगा।
गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में आगामी 1 नवंबर को आयोजित होने जा रहा देव दीपावली महोत्सव भक्ति, संस्कृति और एकता का अनुपम संगम होगा। इस अवसर पर 5001 दीपों से पूरा घाट रोशन होगा और मां राप्ती की आरती गूंजते वैदिक मंत्रों के बीच संपन्न होगी।

एसोसिएशन के अध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने बताया कि “देव दीपावली केवल रोशनी का पर्व नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता और श्रद्धा का प्रतीक है। पत्रकार समाज के मार्गदर्शक होते हैं, और हम इस आयोजन के माध्यम से अपनी सामाजिक जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।”

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इस कार्यक्रम में समाजसेवी चंद कुमार स्वर्णकार एवं उनका परिवार हर वर्ष की तरह इस बार भी पूर्ण समर्पण के साथ योगदान दे रहा है। उनकी पहल से यह आयोजन और भी भव्य व श्रद्धापूर्ण रूप ले रहा है।

आरती के दौरान पांच वेदपाठी ब्राह्मण वैदिक मंत्रोच्चार करेंगे। वातावरण में “जय मां राप्ती” और “मां तुम्हारी कृपा बनी रहे” के स्वर गूंजेंगे, जिससे पूरा घाट आस्था, भक्ति और दिव्यता से ओतप्रोत हो उठेगा।

गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने इस अवसर पर पत्रकारों, समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों से आग्रह किया है कि वे देव दीपावली पर मां राप्ती के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें और श्रद्धा का दीप जलाएं।

अध्यक्ष सिंह ने कहा — “हमारा उद्देश्य पत्रकारिता के साथ-साथ समाज और संस्कृति के संरक्षण में भी अपनी भूमिका निभाना है। मां राप्ती की आरती का यह आयोजन उसी दिशा में एक प्रेरक कदम है, जो गोरखपुर की पहचान को और उज्जवल बनाएगा।”


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