राजा पर्व उत्सव 2025: नोएडा में नारी शक्ति और सांस्कृतिक धरोहर का संगम

गौतमबुद्ध नगर (राष्ट्र की परम्परा) पहली बार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ओडिशा के सबसे बड़े और विशिष्ट फेस्टिवल ‘राजा पर्व’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है जो इस 14 और 15 जून को नोएडा स्टेडियम के रामलीला ग्राउंड में यह दो दिवसीय महोत्सव आयोजित होगा जिसकी तैयारियां पूरे जोर-शोर से जारी हैं।
आयोजन का उद्देश्य न सिर्फ ओडिशा की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देना है, बल्कि राजधानी में बसे ओडिया समुदाय और भारत के अन्य हिस्सों से आए लोगों को उनकी जड़ों से दोबारा जोड़ना भी है।इस ऐतिहासिक पहल की परिकल्पना सामुदायिक विकास समिति (SVS) के फाउंडर चेयरमैन, प्रख्यात चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं समाजसेवी डॉ. मनोरंजन मोहंती ने की है।
डॉ. मोहंती का कहना है कि, “राजा पर्व केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि मातृभूमि, मातृभाषा और स्त्रीत्व के प्रति एक आदरांजलि है। यह पर्व धरती की उर्वरता और नारीशक्ति की गरिमा का उत्सव है।” पारंपरिक रूप से यह फेस्टिवल ओडिशा में वर्षा ऋतु के आगमन पर मनाया जाता है, जब धरती खेती के लिए तैयार होती है और स्त्री के सम्मान का प्रतीक बन जाती है। नोएडा में यह पर्व पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित होने जा रहा है, जिसमें करीब 20,000 से अधिक ओडिया समुदाय के लोग और ओडिशा प्रेमी शामिल होने की उम्मीद है।

दो दिवसीय इस महोत्सव में ओडिशा की कला, संगीत, नृत्य, भोजन और हस्तशिल्प का भव्य प्रदर्शन देखने को मिलेगा। पूरे कार्यक्रम को एक कल्चरल कार्निवल की तरह डिजाइन किया गया है जिसमें ओडिया कल्चर की आत्मा को आधुनिक प्रस्तुति के माध्यम से जीवंत किया जाएगा। ओडिशा और एनसीआर के ख्यातिप्राप्त आर्टिस्ट्स जैसे कि कॉमेडी किंग पपु पम पम, सिंगर अनिंदिता दास, देवेश पाटी, पपु पांडा, ज्योति और ओलिवुड के सुप्रसिद्ध अभिनेता–निर्देशक अश्रुमोचन मोहंती अपनी परफॉर्मेंस से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। इसके साथ ही पारंपरिक नृत्य शैलियों जैसे ओडिसी, संबलपुरी, मणिपुरी, गोटीपुआ, झूमर, ट्राइबल और मॉडर्न डांस की प्रस्तुतियाँ होंगी जो युवाओं को विशेष रूप से आकर्षित करेंगी।

फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण रहेगा ओडिशा का खास ‘फूड फेस्टिवल’, जिसमें राज्य की विविधता और पारंपरिक स्वादों का संगम देखने को मिलेगा। इस फूड फेस्ट में शामिल होंगे कटक का प्रसिद्ध दही बड़ा आलू दम, बारीपदा का मुढ़ी-मटन, सालिपुर का रसगुल्ला, माछा-भात, टंका तोरानी, कोरापुट का पारंपरिक नमकीन, और स्वादिष्ट पिठा जैसे अरिसा, माण्डा, काकरा, पोड़ा पीठा व छेना पोड़ा। साथ ही, जाजपुर का स्पेशल पान भी मेहमानों को मिलेगा जो ओडिशा की मिठास का प्रतीक है।

इस आयोजन को एक समग्र पारिवारिक उत्सव बनाने के लिए वहां बच्चों के लिए गेम्स, महिला सशक्तिकरण गतिविधियाँ, मेंहदी व ड्राइंग प्रतियोगिताएँ, और पारंपरिक फोक आर्ट वर्कशॉप्स भी आयोजित की जाएंगी। वहीं दूसरी ओर, हैंडलूम व हैंडीक्राफ्ट स्टॉल्स, फोटोग्राफी ज़ोन और ओडिया एथनिक परिधानों की प्रदर्शनी भी होगी जो दर्शकों को ओडिशा की रंग-बिरंगी संस्कृति से जोड़ेंगी।

मीडिया से बातचीत में डॉ. मनोरंजन मोहंती ने NCR के 1.6 मिलियन ओडिया समुदाय और सभी ओडिशा प्रेमियों से अपील की कि वे इस सांस्कृतिक पुनर्जागरण का हिस्सा बनें और ओडिशा की आत्मा को दिल्ली–एनसीआर में जीवंत करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह फेस्टिवल पूरी तरह निःशुल्क है और इसमें शामिल होने के लिए किसी प्रकार के पूर्व रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं है।

राजा पर्व उत्सव 2025 सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक गहन भावनात्मक अनुभव है जो यह संदेश देता है कि चाहे हम कहीं भी रहें, अपनी मिट्टी की सुगंध और अपने सांस्कृतिक मूल्यों से कभी दूर नहीं हो सकते। यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता का अद्भुत उदाहरण है, जो हमें यह एहसास दिलाता है कि हमारी विरासत ही हमारी असली पहचान है।

rkpnews@desk

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