पटना ( राष्ट्र की परम्परा डेस्क)केंद्र सरकार की नीतियों, महँगाई, बेरोजगारी और हालिया घोटालों के विरोध में 9 जुलाई को आयोजित ‘भारत बंद’ का असर पूरे देश में देखा जा रहा है। इसी कड़ी में बिहार की राजधानी पटना में भी बंद का व्यापक असर दिखाई दिया। विशेष रूप से तब जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी तथा राजद नेता तेजस्वी यादव खुद पटना के आयकर गोलंबर पर पहुंचे और बंद का नेतृत्व किया।

राहुल गांधी ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा, “यह भारत बंद आम जनता की आवाज़ है। महंगाई ने आम जनजीवन को संकट में डाल दिया है और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। सरकार सिर्फ चंद पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है, किसान, मजदूर और युवा दरकिनार किए जा रहे हैं।”

तेजस्वी यादव ने केंद्र पर बोला हमला येराजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी सरकार को घेरते हुए कहा, “यह बंद जनता का बंद है। केंद्र सरकार की विफल नीतियों के चलते बिहार और देश के अन्य राज्यों के लोग त्रस्त हैं। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, पेपर लीक और भर्ती घोटाले आम बात हो गई है। गरीबों की बात कोई नहीं सुन रहा, इसलिए सड़क पर उतरना पड़ा है।”

विपक्षी एकता का प्रदर्शन– राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की संयुक्त मौजूदगी को विपक्षी एकता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस, राजद, वामपंथी दलों समेत कई संगठनों ने बंद को सफल बनाने के लिए रैलियाँ निकालीं और बाजार, दफ्तर, शैक्षणिक संस्थानों में बंदी सुनिश्चित की। राजधानी पटना सहित आरा, गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर जैसे प्रमुख शहरों में जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित रहा।

प्रशासन मुस्तैद

पटना जिला प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी थी। कई स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहे। हालांकि बंद के दौरान कोई बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।
विशेष तथ्य: बिहार बंद को लगभग 10 प्रमुख संगठनों और राजनीतिक दलों का समर्थन आयकर गोलंबर पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी जमा बस सेवाएँ, ऑटो और निजी वाहन सेवा आंशिक रूप से बाधित पटना विश्वविद्यालय समेत कई शैक्षणिक संस्थान बंद रहे

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