कोपागंज नाला निर्माण पर सवाल: 1 करोड़ 62 लाख खर्च, छह महीने बाद भी समस्या जस की तस

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के कोपागंज कस्बे में जलनिकासी की पुरानी समस्या के समाधान के लिए एक करोड़ 62 लाख रुपये की लागत से बनाए गए नाले पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। मोहल्ला दोस्तपुरा से जूनियर हाई स्कूल कोपागंज तक निर्मित इस बड़े नाले का उद्देश्य नगरवासियों को जलजमाव से राहत दिलाना था, लेकिन निर्माण के छह महीने बाद भी यह नाला नगर के मुख्य नालों से नहीं जुड़ सका है। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से हुए इस निर्माण के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

कोपागंज नगर पंचायत क्षेत्र में जलनिकासी की समस्या वर्षों पुरानी है। बरसात के दिनों में समुचित व्यवस्था न होने के कारण पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों, गलियों, घरों और दुकानों में घुस जाता था। इससे न केवल आम जनजीवन प्रभावित होता था, बल्कि घरों और दुकानों में रखा सामान भी खराब हो जाता था। इस गंभीर समस्या को लेकर नगरवासियों ने समय-समय पर आवाज उठाई, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।

बरसात के मौसम में हालात इतने बदतर हो जाते थे कि नगर पंचायत की अधिकांश सड़कें और गलियां तालाब का रूप ले लेती थीं। स्थिति को देखते हुए नगर पंचायत ने कस्बे की जलनिकासी समस्या को शासन के संज्ञान में लाते हुए एक प्रस्ताव भेजा। शासन ने समस्या की गंभीरता को समझते हुए मोहल्ला दोस्तपुरा से जूनियर हाई स्कूल स्थित नहर तक लगभग एक किलोमीटर लंबे नाले के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की। इसके लिए नवंबर 2022 में एक करोड़ 62 लाख रुपये की धनराशि भी स्वीकृत की गई।

टेंडर प्रक्रिया के बाद करीब डेढ़ वर्ष की देरी से मार्च 2024 में सीएनडीएस विभाग द्वारा नाला निर्माण कार्य किसी तरह शुरू किया गया। यह निर्माण कार्य अक्टूबर 2025 में पूर्ण हुआ। हालांकि, नाला बनकर तैयार होने के बावजूद इसे नगर के किसी भी मुख्य नाले से नहीं जोड़ा गया, जिससे इसका उद्देश्य अधूरा रह गया है। परिणामस्वरूप नगरवासियों को जलजमाव की समस्या से अभी तक कोई राहत नहीं मिल पाई है।

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स्थानीय नागरिकों दयानंद, राजू, राजेश, कल्पू, संजीव सहित अन्य लोगों ने नाला निर्माण पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बना यह नाला फिलहाल बेकार साबित हो रहा है। नगर के जलजमाव की समस्या को दूर करने के लिए बनाए गए इस नाले का संपर्क यदि मुख्य नालों से नहीं कराया गया, तो इसका कोई लाभ नहीं होगा।

इस पूरे मामले में जब नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी डॉ. छोटे लाल तिवारी से सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि इस नाले का निर्माण सीएनडीएस विभाग द्वारा कराया गया है और अभी तक नगर पंचायत ने इसका हैंडओवर नहीं लिया है। ऐसे में जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।

कुल मिलाकर, कोपागंज में जलनिकासी की समस्या के समाधान के लिए किया गया यह नाला निर्माण फिलहाल अपने उद्देश्य को पूरा करता नजर नहीं आ रहा है। मुख्य नालों से कनेक्शन न होने के कारण करोड़ों की लागत से तैयार संरचना पर सवाल उठ रहे हैं और नगरवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

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Karan Pandey

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