देवरिया।(राष्ट्र की परम्परा)
फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन और जन-जागरूकता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से ब्लॉक स्तर पर महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। प्रभारी चिकित्साधिकारी (एमओआईसी) डॉ प्रभात रंजन की अध्यक्षता में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पथरदेवा में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सीएचओ एवं आशा संगिनियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
डॉ प्रभात रंजन ने बताया कि वर्तमान में ब्लॉक के पांच आयुष्मान आरोग्य मंदिर—सेमरी, बंजरिया, महुअवा बुजुर्ग, रामपुर शुक्ल और गरीब पट्टी—पर पीएसपी (पेशेंट स्टेकहोल्डर प्लेटफार्म) का गठन हो चुका है। अब इस मॉडल को अपनाते हुए ब्लॉक के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर सीएचओ के नेतृत्व में पीएसपी गठित किया जाएगा, जिससे फाइलेरिया सहित अन्य बीमारियों के प्रति समुदाय में जागरूकता बढ़ाई जा सके।
सहायक मलेरिया अधिकारी हसम्तुल्लाह खान ने बताया कि पीएसपी में एएनएम, ग्राम प्रधान, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, कोटेदार, स्वयं सहायता समूह, फाइलेरिया मरीज एवं वालेंटियर शामिल होते हैं, जो एमडीए अभियान, एमएमडीपी प्रशिक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी बनाते हैं।
प्रशिक्षण के दौरान पीएसपी सदस्यों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस मंच के गठन से पंचायत बैठकों एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों में स्वास्थ्य अभियानों को व्यापक समर्थन मिल रहा है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, सीएचओ, एएनएम एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को मजबूत करेगा पीएसपी मॉडल
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