ईरान में महंगाई के खिलाफ उबाल, सरकार का सख्त संदेश: प्रदर्शनकारियों पर मौत की सजा की चेतावनी
तेहरान (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)ईरान इस समय गंभीर आंतरिक संकट के दौर से गुजर रहा है। बढ़ती महंगाई, मुद्रा के लगातार गिरते मूल्य और आम नागरिकों के जीवन स्तर में आई तेज गिरावट के खिलाफ देशभर में भड़के विरोध प्रदर्शनों पर सरकार ने बेहद कठोर रुख अपनाया है। सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदर्शनकारियों को सीधे तौर पर “भगवान का दुश्मन” करार देते हुए कड़े दंड की चेतावनी दी है, जिसमें मौत की सजा तक का प्रावधान शामिल है।
ईरान के अटॉर्नी जनरल के इस बयान के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरानी कानून में “मोहरबेह” यानी ईश्वर के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप सबसे गंभीर अपराधों में गिना जाता है। सरकार का कहना है कि हिंसक विरोध और सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वालों पर इसी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
हालात की सटीक जानकारी मिलना मुश्किल हो गया है क्योंकि बीते कई दिनों से देश में इंटरनेट सेवाएं लगभग पूरी तरह बंद हैं। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और निर्वासित ईरानी समूहों का दावा है कि अब तक 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 2,600 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। आशंका जताई जा रही है कि वास्तविक आंकड़े इससे कहीं अधिक हो सकते हैं।
तेहरान के अलावा चहारमहल-बख्तियारी, केरमानशाह और अन्य बड़े शहरों में विरोध सबसे ज्यादा उग्र रहा है। आंदोलन को उस समय और बल मिला जब ईरान के पूर्व शाह के बेटे रजा पहलवी ने निर्वासन से जनता से सड़कों पर उतरने और प्रमुख शहरों में दबाव बढ़ाने की अपील की।
ईरान में महंगाई विरोध प्रदर्शन अब केवल आर्थिक असंतोष नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच गहराते टकराव का प्रतीक बनता जा रहा है।
