केंद्र सरकार ने दी मंजूरी, संगीत नाटक अकादमी को दिए निर्देश
नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित देशभर और प्रवासी भारतीयों के बीच आस्था के प्रतीक छठ महापर्व को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने छठी मइया फाउंडेशन की मांग को स्वीकार करते हुए इस पर्व को यूनेस्को (UNESCO) की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
संस्कृति मंत्रालय ने संगीत नाटक अकादमी को इस संबंध में आवश्यक दस्तावेज और प्रस्ताव तैयार कर UNESCO मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं।
अकादमी के विशेषज्ञ अब इस पर्व के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व, अनुष्ठानों और लोक परंपराओं का विस्तृत विवरण संकलित करेंगे, जिसे UNESCO को प्रस्तुत किया जाएगा।
छठ महापर्व सूर्य उपासना और पर्यावरण संरक्षण का अद्वितीय संगम माना जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से कार्तिक और चैत्र मास में मनाया जाता है, जिसमें श्रद्धालु निर्जला व्रत, सूर्य अर्घ्य और डूबते-उगते सूरज को अर्पण करते हैं। इसकी विशेषता है कि इसमें जाति, धर्म और वर्ग का भेदभाव समाप्त हो जाता है तथा पूरा समाज एकजुट होकर पर्व में भाग लेता है।
छठी मइया फाउंडेशन ने लंबे समय से यह मांग की थी कि छठ महापर्व को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए इसे UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल किया जाए। अब केंद्र सरकार की पहल से इस दिशा में ठोस कदम बढ़ा है।
अगर UNESCO इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है तो छठ महापर्व को विश्वस्तरीय सांस्कृतिक पहचान मिलेगी और इसे भारत की सांस्कृतिक विरासत के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षित और प्रोत्साहित किया जाएगा।
सांकेतिक धनबाद (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। धनबाद के निरसा क्षेत्र में पुलिस और अपराधियों के…
EPFO की वेतन सीमा 15 हजार से बढ़कर 25 हजार रुपये, 51 लाख से अधिक…
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा UPI MDR विवाद, ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% शुल्क…
विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच 2026: क्या प्लास्टिक और ई-कचरे का कबाड़ बनेगा नई अर्थव्यवस्था की…
वाराणसी(राष्ट्र क़ी परम्परा)मंडल रेल प्रबंधक, वाराणसी आशीष जैन के निर्देशानुसार तथा वरिष्ठ मंडल आंकड़ा एवं…
16 नवंबर से 30 नवंबर तक चलेगी स्वगणना, एक दिसंबर से शुरू होगी जनसंख्या गणना…