भोपाल (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)मध्यप्रदेश के एक टाइगर रिजर्व में एक बाघ की मौत का मामला सामने आया है। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में बाघ का पोस्टमार्टम किया गया और नियमानुसार शव का निस्तारण कर दिया गया। इस प्रक्रिया में वन्यजीव संरक्षण से जुड़े सभी मानकों का पालन किया गया।
राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) ए.के. नेताम ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच के बाद एनटीसीए की देखरेख में कार्रवाई की गई।
मध्यप्रदेश देश का ‘टाइगर स्टेट’ कहलाता है और यहां कुल नौ टाइगर रिजर्व हैं, जिनमें प्रमुख रूप से कान्हा, बांधवगढ़, सतपुड़ा, पेंच और पन्ना शामिल हैं। एनटीसीए और भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा जारी नवीनतम बाघ गणना के मुताबिक, मध्यप्रदेश में 785 बाघ हैं, जो देश में सबसे अधिक है। इसके बाद कर्नाटक में 563 और उत्तराखंड में 560 बाघ पाए जाते हैं।
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि बाघों की संख्या अधिक होने के बावजूद उनकी सुरक्षा और प्राकृतिक आवास की रक्षा पर निरंतर ध्यान देना आवश्यक है, ताकि इस तरह की घटनाओं में कमी लाई जा सके।
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