प्रो. कीर्ति पांडेय उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष बनी

प्रो. कीर्ति पांडेय के उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष बनने पर कुलपति व विश्वविद्यालय परिवार ने दी बधाई

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष पद पर दीनदायाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग की प्रोफेसर कीर्ति पांडेय को नियुक्त किया गया है। वर्तमान में प्रो पांडे दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में कला संकाय की अधिष्ठाता हैं। प्रो. कीर्ति पाण्डेय का लंबा प्रशासनिक अनुभव है। वे जून 2023 से विश्वविद्यालय में अधिष्ठाता कला संकाय हैं। वर्ष 2011-14 तक वे समाजशास्त्र की विभागाध्यक्ष रही हैं। वर्ष 2015 से 2017 तक वे विश्वविद्यालय के यूजीसी-एचआरडीसी की निदेशक रही हैं। प्रो. कीर्ति पाण्डेय ने 1982 में बुद्धा पीजी कॉलेज कुशीनगर से स्नातक तथा गोरखपुर विश्वविद्यालय से 1984 में परास्नातक की उपाधि हासिल की। उन्होंने अपनी पीएचडी सुप्रसिद्ध समाजशास्त्री प्रो. एसपी नागेंद्र के निर्देशन में 1992 में पूरा किया। उच्च शिक्षा में शिक्षक के रूप में प्रो. कीर्ति पाण्डेय का 39 वर्षों का लंबा अनुभव है। वर्ष 1985 में समाजशास्त्र विभाग में उन्होंने एडहॉक पर लेक्चरर के रूप में शिक्षण कार्य शुरू किया था। वर्ष 1987 में एसवी डिग्री कॉलेज, देवरिया में एजुकेशन सर्विस कमीशन की परीक्षा के जरिए नियुक्ति हुई थी। वर्ष 1988 में लेक्चरर के रूप में गोरखपुर विश्वविद्यालय में स्थाई रूप से नियुक्त हुई थीं। गोरखपुर विश्वविद्यालय में वर्ष 2006 से प्रोफेसर हैं। अक्तूबर 2021 में भारत सरकार द्वारा तीन साल के लिए नाथ ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी, शिलांग का विजिटर्स नॉमिनी नियुक्त किया गया था। वहां इसी महीने उनका कार्यकाल पूरा होगा। प्रो. कीर्ति राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्याल फैजाबाद, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी और सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के बोर्ड ऑफ स्टडीज की सदस्य रही हैं। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और आरएमएल अवध यूनिवर्सिटी में से रिसर्च डिग्री समिति की भी सदस्य रही हैं। इसके साथी वह जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, इंदिरा गांधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी, अमरकंटक, केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी सहित कई विश्वविद्यालय मे सिलेक्शन कमिटी की सदस्य रहीं। प्रो. कीर्ति पाण्डेय की विशेषज्ञता ‘इंडियन सोसाइटी एंड कल्चर’ पर है। भारतीय डाक्यों की सामाजिक स्थिति सहित कई पुस्तकों तथा शोध पत्र प्रकाशन भी किया। इस पर उन्होंने काफी काम भी किया है। सोशियोलॉजी ऑफ डेवलपमेंट उनका पसंदीदा क्षेत्र है। प्रोफेसर कीर्ति पांडे को आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने पर विश्वविद्यालय परिवार ने बधाइयां दी हैं। कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने उन्हें बधाई देते हुए शुभकामनाएं दी है।गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष पद पर दीनदायाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग की प्रोफेसर कीर्ति पांडेय को नियुक्त किया गया है।
वर्तमान में प्रो पांडे दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में कला संकाय की अधिष्ठाता हैं। प्रो. कीर्ति पाण्डेय का लंबा प्रशासनिक अनुभव है। वे जून 2023 से विश्वविद्यालय में अधिष्ठाता कला संकाय हैं। वर्ष 2011-14 तक वे समाजशास्त्र की विभागाध्यक्ष रही हैं। वर्ष 2015 से 2017 तक वे विश्वविद्यालय के यूजीसी-एचआरडीसी की निदेशक रही हैं।
प्रो. कीर्ति पाण्डेय ने 1982 में बुद्धा पीजी कॉलेज कुशीनगर से स्नातक तथा गोरखपुर विश्वविद्यालय से 1984 में परास्नातक की उपाधि हासिल की।
उन्होंने अपनी पीएचडी सुप्रसिद्ध समाजशास्त्री प्रो. एसपी नागेंद्र के निर्देशन में 1992 में पूरा किया।
उच्च शिक्षा में शिक्षक के रूप में प्रो. कीर्ति पाण्डेय का 39 वर्षों का लंबा अनुभव है। वर्ष 1985 में समाजशास्त्र विभाग में उन्होंने एडहॉक पर लेक्चरर के रूप में शिक्षण कार्य शुरू किया था। वर्ष 1987 में एसवी डिग्री कॉलेज, देवरिया में एजुकेशन सर्विस कमीशन की परीक्षा के जरिए नियुक्ति हुई थी। वर्ष 1988 में लेक्चरर के रूप में गोरखपुर विश्वविद्यालय में स्थाई रूप से नियुक्त हुई थीं। गोरखपुर विश्वविद्यालय में वर्ष 2006 से प्रोफेसर हैं।
अक्तूबर 2021 में भारत सरकार द्वारा तीन साल के लिए नाथ ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी, शिलांग का विजिटर्स नॉमिनी नियुक्त किया गया था। वहां इसी महीने उनका कार्यकाल पूरा होगा। प्रो. कीर्ति राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्याल फैजाबाद, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी और सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के बोर्ड ऑफ स्टडीज की सदस्य रही हैं। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और आरएमएल अवध यूनिवर्सिटी में से रिसर्च डिग्री समिति की भी सदस्य रही हैं। इसके साथी वह जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, इंदिरा गांधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी, अमरकंटक, केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी सहित कई विश्वविद्यालय मे सिलेक्शन कमिटी की सदस्य रहीं।
प्रो. कीर्ति पाण्डेय की विशेषज्ञता ‘इंडियन सोसाइटी एंड कल्चर’ पर है। भारतीय डाक्यों की सामाजिक स्थिति सहित कई पुस्तकों तथा शोध पत्र प्रकाशन भी किया। इस पर उन्होंने काफी काम भी किया है। सोशियोलॉजी ऑफ डेवलपमेंट उनका पसंदीदा क्षेत्र है।
प्रोफेसर कीर्ति पांडे को आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने पर विश्वविद्यालय परिवार ने बधाइयां दी हैं। कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने उन्हें बधाई देते हुए शुभकामनाएं दी है।

Karan Pandey

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