बिजली संकट: रात दो बजे से ठप आपूर्ति, कड़ाके की ठंड में बढ़ी लोगों की परेशानी

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। नववर्ष 2026 के शुभ अवसर पर जहां लोग उल्लास और उमंग के साथ नए साल की शुरुआत की उम्मीद कर रहे थे, वहीं बलिया जनपद में बिजली संकट ने खुशियों पर पानी फेर दिया। बीती रात करीब दो बजे से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई, जिससे कड़ाके की ठंड में आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सुबह तक बिजली बहाल न होने से लोगों में आक्रोश देखने को मिला। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नववर्ष के दिन प्रातःकाल स्नान-ध्यान, पूजा-अर्चना और मंदिर दर्शन की परंपरा होती है, लेकिन बिजली न होने के कारण पानी गर्म करने से लेकर दैनिक कार्यों तक में भारी दिक्कतें आईं।

ठंड के मौसम में हीटर, ब्लोअर और अन्य विद्युत उपकरण बंद रहने से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। बताया जा रहा है कि मालदा फीडर की विद्युत सप्लाई पूरी तरह ठप होने के कारण संबंधित क्षेत्रों में अंधेरा छाया रहा।

ये भी पढ़ें – मंदसौर ट्रिपल मर्डर से सनसनी: दंपती समेत तीन की गोली मारकर हत्या

बार-बार शिकायत के बावजूद घंटों तक बिजली आपूर्ति बहाल न होने से लोगों में विद्युत विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई मोहल्लों के निवासियों ने कहा कि यदि त्योहार और विशेष दिनों पर भी ऐसी लापरवाही होगी तो आम जनता का भरोसा कैसे बनेगा।

बिजली संकट का असर धार्मिक स्थलों और व्यापार पर भी साफ दिखाई दिया। मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या घटी, वहीं दुकानदारों और छोटे व्यापारियों का कामकाज भी प्रभावित हुआ। मोबाइल चार्ज न होना और पानी की मोटर बंद रहने से घरेलू समस्याएं और बढ़ गईं।

स्थानीय नागरिकों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि फॉल्ट को जल्द से जल्द दूर कर आपूर्ति बहाल की जाए तथा भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए ठोस और स्थायी व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि नववर्ष के दिन बिजली संकट ने उनकी खुशियों को फीका कर दिया और ठंड में परेशानी कई गुना बढ़ा दी।

ये भी पढ़ें – दक्षिण दिल्ली में छापा, 5.12 करोड़ नकद और 8.80 करोड़ के सोने-हीरे जब्त, मनी लॉन्ड्रिंग केस में शिकंजा

Karan Pandey

Recent Posts

असलहा सटाकर सर्राफा कारोबारी से लाखो के सोने व चांदी के जेवरात की छिनैती

पिडवल मोड़ से दुकान बंद कर कोपागंज घर वापस लौट रहे थे कारोबारी मऊ (…

18 minutes ago

ॐ : एक नाद, जिसमें समाई है सृष्टि की सम्पूर्ण चेतना

जहां ध्वनि मौन में विलीन होकर साधना का परम लक्ष्य बन जाती है कैलाश सिंह…

21 minutes ago

शांति, साधना और शिल्पकला का संगम: उदयगिरि खंडगिरि गुफाओं की विशेष रिपोर्ट

जब करे ओडिसा की यात्रा एक बार जरूर जाए उदयगिरि–खंडगिरि की गुफाएं: ओडिशा की धरती…

2 hours ago

मकर संक्रांति: सूर्य की गति, संस्कृति की चेतना

नवनीत मिश्र भारतीय सभ्यता प्रकृति, खगोल और जीवन के आपसी संतुलन पर आधारित रही है।…

2 hours ago

एक तारीख, तीन विरासतें: 14 जनवरी के महान निधन की कहानी

14 जनवरी के ऐतिहासिक निधन: मुनव्वर राणा, सुरजीत सिंह बरनाला और एडमंड हैली — साहित्य,…

2 hours ago

प्रो. राजवंत राव व प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी भारतीय संग्रहालय के ट्रस्टी नामित

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग के पूर्व अध्यक्ष…

2 hours ago