महराजगंज में पंचायत चुनाव को लेकर सियासत तेज, दावेदारों की अभी से जोर- आजमाइश

सोशल मीडिया से लेकर भोज-दावत तक, हथकंडे अपनाने में जुटे संभावित उम्मीदवार

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की आधिकारिक घोषणा भले ही अभी न हुई हो, लेकिन महराजगंज जिले में पंचायत राजनीति का सियासी पारा चढ़ने लगा है। ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य पदों के संभावित दावेदार अभी से जोर- आजमाइश में जुट गये हैं। गांवों में संभावित प्रत्याशी व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सहारा लेकर अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। दावेदार अपने कार्यों की चर्चा को प्रचारित कर रहे हैं तो वहीं पुराने प्रधान और जीते-हारे प्रत्याशी भी अपनी सक्रियता दिखा रहे हैं। पोस्टर-बैनर की परंपरा के बजाय अब सोशल मीडिया अपडेट का दौर चल रहा है।चुनावी माहौल बनाने के लिए दावेदार जगह-जगह दावतें देने लगे हैं। कहीं गांवों में सामूहिक भोज तो कहीं होटलों पर समर्थकों को बुलाकर खाने-पीने का दौर चल रहा है। दावेदार चाहते हैं कि उनके पक्ष में माहौल बनाने में कोई कसर बाकी न रह जाए। गांवों में चुनावी चर्चा का दौर शुरू हो चुका है। लोग संभावित प्रत्याशियों के पुराने कामकाज और भविष्य की योजनाओं पर विचार कर रहे हैं। पंचायत चुनाव की घोषणा का इंतजार तो है, लेकिन उससे पहले ही गांवों में सियासी हलचल तेज हो गई है। वहीं ग्राम पंचायत में होडिंग और पोस्टरों का दौर चल पड़ा है। विश्वकर्मा पूजा, दशहरा पूजा,छठ, दीपावली आदि त्योहार पर अभी से गलीयारों में लगना शुरू हो गया है। वहीं ग्रामीणों में मिलना जुलना तथा किसी व्यक्ति के यहां सहभोज में शामिल होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर एक दूसरे के साथ सेल्फी पोज में सोशल मीडिया पर एक्टिव होना प्रत्याशियों का शौक बन चुका है।कुछ जगहों पर घर-घर घूमकर एक दूसरे की हाल-चाल पूछते नजर आ रहे हैं। ऐसे में वोटरों की चुप्पी पर दावेदारी कर रहे लोगों का नींद हराम कर दिया है।
बताते चलें कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 में जिले में पूर्व की तरह 882 ग्राम पंचायतों में चुनाव होगा। जिससे यहां 2021 की तरह ग्राम प्रधान के 882 ग्राम प्रधान के, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 1166 व जिला पंचायत सदस्य के 47 पदों व ग्राम पंचायत सदस्य के10172 पदों के लिए चुनाव होगा। पिछला त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अप्रैल 2021 में हुआ था। इसका पांच वर्ष का कार्यकाल मई 2026 में पूरा होगा। कुछ माह पहले ही प्रधानों का वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार समाप्त हो जाएगा। वर्तमान प्रधान से लेकर पूर्व प्रधान व नये संभावित सभी उम्मीदवारों की निगाहें अब केवल आरक्षण पर पर टिकी हैं। 2021 में 27588 लोग लड़े थे। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 में प्रधान के 882, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 1166 ग्राम पंचायत सदस्य के 10172, जिला पंचायत सदस्य के 47 पदों के लिए 3028 बूथों पर मतदान हुआ था। इसमें सभी पदों को मिलाकर कुल 27588 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे। इसमें प्रधान के 5722, बीडीसी के 6248 , ग्राम पंचायत सदस्य के 14852, जिला पंचायत सदस्य के 766 उम्मीदवार अपनी किस्मत अजामा रहे थे। इसमें 18 लाख 70 हजार 370 मतदाताओं के सापेक्ष 71.02 मतदाताओं ने मतदान किया था।

Karan Pandey

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