लखनऊ समेत तीन जिलों में बसपा विधायक उमाशंकर सिंह पर आयकर छापेमारी, 50 से ज्यादा अधिकारी जांच में जुटे
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह आयकर छापेमारी की कार्रवाई से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। उमाशंकर सिंह के लखनऊ समेत तीन जिलों में स्थित आवास और कार्यालयों पर आयकर विभाग की टीमों ने एक साथ छापेमारी शुरू की है। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई उनकी एक पुरानी फर्म से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के आधार पर की गई है।
बताया जा रहा है कि उमाशंकर सिंह आयकर छापेमारी के तहत पांच अलग-अलग टीमें पुलिस बल के साथ विभिन्न ठिकानों पर दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं। इन टीमों में 50 से अधिक अधिकारी शामिल हैं, जो बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े कागजात, निवेश और आय-व्यय का मिलान कर रहे हैं।
लखनऊ के गोमतीनगर आवास पर सुबह से जांच
सूत्रों के मुताबिक छापेमारी की कार्रवाई बुधवार सुबह शुरू हुई। लखनऊ के गोमतीनगर स्थित विधायक के आवास और कार्यालय में आयकर अधिकारियों ने प्रवेश कर दस्तावेजों की जांच प्रारंभ की। गोमतीनगर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
इस उमाशंकर सिंह आयकर छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने डिजिटल रिकॉर्ड, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, फर्म से जुड़े लेनदेन दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए हैं। आयकर विभाग की टीमों ने कर्मचारियों से भी पूछताछ की है।
बलिया समेत अन्य जिलों में भी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार लखनऊ के अलावा बलिया और एक अन्य जिले में भी एक साथ कार्रवाई की गई है। सभी स्थानों पर समन्वित तरीके से जांच चल रही है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह छापेमारी पूर्व में दर्ज शिकायतों और वित्तीय गड़बड़ियों के संकेत मिलने के बाद की गई है।
हालांकि आयकर विभाग की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच में कुछ अहम वित्तीय लेनदेन संदिग्ध पाए गए हैं।
पुरानी फर्म से जुड़े दस्तावेज जांच के केंद्र में
सूत्र बताते हैं कि विधायक की एक पुरानी फर्म से संबंधित आय और निवेश के दस्तावेज जांच के केंद्र में हैं। आयकर विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या आय के स्रोत और घोषित आय में कोई अंतर है।
उमाशंकर सिंह आयकर छापेमारी की कार्रवाई के दौरान संपत्ति के कागजात, बैंक खातों का विवरण, साझेदारी फर्म के दस्तावेज और पिछले कुछ वर्षों के आयकर रिटर्न की फाइलें खंगाली जा रही हैं।
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स्वास्थ्य को लेकर भी चर्चा
बताया जा रहा है कि विधायक का स्वास्थ्य पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रहा है। छापेमारी के दौरान उनके परिवार के सदस्य मौजूद थे। अधिकारियों ने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यक औपचारिकताओं का पालन किया।
स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों और समर्थकों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, पुलिस बल तैनात
आयकर विभाग की टीमों के साथ भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। आवास और कार्यालय के बाहर मीडिया कर्मियों और स्थानीय लोगों की भीड़ देखी गई।
गोमतीनगर क्षेत्र में यातायात पर भी आंशिक प्रभाव पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।
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राजनीतिक मायने और संभावित प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई का राजनीतिक असर भी पड़ सकता है। बहुजन समाज पार्टी के विधायक के खिलाफ चल रही इस उमाशंकर सिंह आयकर छापेमारी से प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
आयकर विभाग की प्रक्रिया क्या होती है?
आयकर विभाग को जब किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कर चोरी या आय में गड़बड़ी की शिकायत मिलती है, तो प्रारंभिक जांच के बाद सर्च और सीजर की कार्रवाई की जाती है। इसमें दस्तावेज, नकदी, आभूषण, डिजिटल डेटा और अन्य संपत्ति की जांच की जाती है।
यदि जांच में अनियमितता साबित होती है तो संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाता है। आवश्यकता पड़ने पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
आगे क्या?
फिलहाल उमाशंकर सिंह आयकर छापेमारी की कार्रवाई जारी है। दस्तावेजों की जांच के बाद विभाग की ओर से विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।इस मामले में आयकर विभाग की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही विभाग की ओर से कोई औपचारिक बयान आएगा, स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
