Monday, February 16, 2026
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नेपाल में सियासी संकट गहराया, सुशीला कार्की बन सकती हैं पहली महिला प्रधानमंत्री

सेना मुख्यालय में आज अहम बैठक, राष्ट्रपति और सेना प्रमुख करेंगे फैसला

काठमांडू (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) नेपाल की सियासत एक बड़े मोड़ पर पहुँच गई है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद पैदा हुई राजनीतिक अस्थिरता के बीच राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल शुक्रवार को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की की नियुक्ति कर सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक गुरुवार देर रात राष्ट्रपति, सेना प्रमुख और जेन-जेड समूह के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँच सकी। हालांकि, सरकार विरोधी प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे युवाओं ने अंतरिम प्रधानमंत्री पद के लिए कार्की का नाम आगे बढ़ाया है।

सेना मुख्यालय में अहम बैठक

शुक्रवार दोपहर 2 बजे काठमांडू स्थित सेना मुख्यालय में एक निर्णायक बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल, सेना प्रमुख और देश के शीर्ष कानूनी विशेषज्ञ शामिल होंगे। खास बात यह है कि सुशीला कार्की स्वयं भी इस बैठक का हिस्सा होंगी। संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप अंतरिम प्रधानमंत्री का नाम तय होने पर माना जा रहा है कि राष्ट्रपति और सेना प्रमुख की पहली पसंद कार्की ही होंगी।

हालात तनावपूर्ण, कर्फ्यू में ढील

नेपाल में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। सुबह 7 बजे से 11 बजे तक लोगों को सामान्य दिनचर्या के लिए चार घंटे की छूट दी गई। इसके बाद सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक प्रतिबंधात्मक आदेश लागू रहेंगे। शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक फिर से कर्फ्यू जारी रहेगा।

विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि

सोमवार को भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन हुए थे। पुलिस कार्रवाई में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने तत्कालीन प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे की मांग करते हुए उनके कार्यालय का घेराव कर दिया। बढ़ते दबाव के बीच ओली ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। सोमवार रात सरकार ने सोशल मीडिया पर लगाया प्रतिबंध भी हटा लिया।

अगर आज की बैठक में सहमति बनती है, तो नेपाल के इतिहास में पहली बार किसी महिला को प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, और वह भी देश के सबसे कठिन दौर में।

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