Saturday, March 14, 2026
HomeUncategorizedबिहार विधानसभा चुनाव से पहले सियासी संग्राम तेज

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सियासी संग्राम तेज

आज यात्रा विराम होगी

राहुल-तेजस्वी की ‘वोट अधिकार यात्रा’, विपक्ष ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सियासत में गर्माहट बढ़ गई है। चुनाव आयोग द्वारा जारी विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) को लेकर विपक्षी दलों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। महागठबंधन का आरोप है कि सत्तापक्ष के दबाव में हजारों मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव ने 17 अगस्त से ‘वोट अधिकार यात्रा’ की शुरुआत की है।

करीब आठ दिनों की लगातार यात्रा के बाद रविवार को यह कारवां अररिया पहुंचा। यहां भारी भीड़ के बीच राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि “जनता के वोट का अधिकार छीना नहीं जा सकता। लोकतंत्र में मतदाता ही सबसे बड़ा निर्णायक होता है, लेकिन भाजपा सत्ता के लोभ में चुनाव आयोग पर दबाव बनाकर मताधिकार छीनने की कोशिश कर रही है।”

यात्रा के दौरान विपक्षी नेताओं ने विभिन्न जिलों में जनसंपर्क किया और मतदाताओं से अपील की कि वे किसी भी स्थिति में लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करें। राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष संस्था की तरह कार्य करना चाहिए, लेकिन आज उसकी कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। तेजस्वी यादव ने भी आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष योजनाबद्ध तरीके से खास वर्गों के नाम वोटर लिस्ट से हटवा रहा है।

महागठबंधन की यह यात्रा 25 अगस्त को विराम पर रहेगी और सोमवार 26 अगस्त से पुनः आरंभ होगी। इस दौरान यात्रा सुपौल और मधुबनी जिलों में पहुंचेगी। विपक्ष का दावा है कि यह अभियान राज्य के हर जिले तक जाएगा और लोगों को मताधिकार बचाने की लड़ाई में जोड़ेगा।

चुनाव से पहले इस तरह की सक्रियता और आरोप-प्रत्यारोप ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। अब देखना होगा कि चुनाव आयोग इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और महागठबंधन की यह यात्रा जनता को कितना प्रभावित कर पाती है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments