जम्मू-कश्मीर, आत्मनिर्भरता और नई योजनाओं पर हो सकते हैं बड़े ऐलान
नई दिल्ली।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)
देश 15 अगस्त 2025 को अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाएगा। हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रध्वज फहराएँगे और देशवासियों को संबोधित करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी का लगातार 12वाँ स्वतंत्रता दिवस संबोधन होगा। लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने के बाद यह उनका दूसरा संबोधन होगा।
आधिकारिक कार्यक्रम सुबह 7:30 बजे शुरू होगा। परंपरा के अनुसार, गणमान्य व्यक्तियों के आगमन पर उनका स्वागत होगा, इसके बाद 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। राष्ट्रगान जन गण मन के जोशीले स्वर गूंजेंगे और भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर आसमान से पुष्प वर्षा कर माहौल को देशभक्ति से सराबोर करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन में इस बार आत्मनिर्भर भारत पर विशेष जोर दिया जाएगा। उम्मीद है कि वे जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के रोडमैप का ऐलान कर सकते हैं। उपराज्यपाल पहले ही इस संबंध में सिफारिशें दे चुके हैं। प्रस्तावित विधेयक में मौजूदा विधानसभा को राज्य विधानसभा के रूप में आगे बढ़ाने का प्रावधान शामिल हो सकता है, जिससे विधायी और कार्यपालिका स्तर पर काम में तेजी लाई जा सके।
मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण अक्सर देश को नई दिशा देने वाले बड़े ऐलानों से भरे होते हैं। मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहल भी इसी मंच से शुरू हुई थीं। इस बार का संबोधन भारतीय सेना के शौर्य, विशेषकर ऑपरेशन सिंदूर सेना की सफलता को समर्पित रहने की संभावना है। पीएम आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई रणनीति के कूटनीतिक और राजनीतिक पहलुओं को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रख सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री महिला कल्याण की नई योजना और किसान सम्मान निधि से जुड़ा बड़ा ऐलान भी कर सकते हैं। इसके अलावा, सैन्य बलों के आधुनिकीकरण, मेक इन इंडिया को नई गति देने और भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए रोडमैप पेश किया जा सकता है, ताकि वैश्विक व्यापारिक चुनौतियों के बीच भारत की ताकत और संभावनाएं स्पष्ट हों।
लाल किले से होने वाला यह संबोधन न केवल स्वतंत्रता दिवस का मुख्य आकर्षण होगा, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए देश की नीतियों और प्राथमिकताओं का खाका भी पेश करेगा।
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