PM मोदी आज से तीन दिवसीय दक्षिण अफ्रीका दौरे पर, G-20 में भारत मज़बूती से उठाएगा ग्लोबल साउथ की आवाज़

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से दक्षिण अफ्रीका के तीन दिवसीय दौरे पर रवाना होंगे, जहां वे G-20 शिखर सम्मेलन में भारत का नेतृत्व करेंगे। यात्रा से पहले विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सुधाकर दलेला ने कहा कि भारत ग्लोबल साउथ से जुड़े सभी अहम मुद्दों को मंच पर मजबूती से उठाएगा।

उन्होंने बताया कि लीडर्स डिक्लेरेशन में क्या शामिल होगा, यह अभी कहना जल्दबाज़ी होगी, लेकिन भारत की प्राथमिकताओं को पूरा महत्व मिलेगा।

लगातार चौथा वर्ष—ग्लोबल साउथ में हो रहा है G-20 सम्मेलन

दलेला ने बताया कि यह लगातार चौथा वर्ष है जब G-20 शिखर सम्मेलन किसी ग्लोबल साउथ देश में आयोजित हो रहा है।
इस बार यह पहली बार अफ्रीकी महाद्वीप में आयोजित हो रहा है, जिससे अफ्रीका और विकासशील देशों की चिंताओं पर वैश्विक फोकस और बढ़ेगा।

2023 में नई दिल्ली G-20 के दौरान अफ्रीकन यूनियन को स्थायी सदस्यता मिली थी।
दक्षिण अफ्रीका इस वर्ष समूह की अध्यक्षता कर रहा है और 20वां G-20 शिखर सम्मेलन जोहानसबर्ग में होगा।

मोदी की चौथी आधिकारिक यात्रा

PM मोदी 21 से 23 नवंबर तक दक्षिण अफ्रीका में रहेंगे।
कई द्विपक्षीय बैठकें भी प्रस्तावित हैं, जिनके विवरण अंतिम चरण में हैं।

यह मोदी की दक्षिण अफ्रीका की चौथी आधिकारिक यात्रा है—

2016: द्विपक्षीय यात्रा

2018 और 2023: ब्रिक्स सम्मेलन

2025: G-20 शिखर सम्मेलन

समिट की थीम—सॉलिडेरिटी, इक्वलिटी, सस्टेनेबिलिटी

दलेला ने बताया कि इस वर्ष की थीम “Solidarity, Equality, Sustainability” पर आधारित है।
इस दौरान चार प्रमुख प्राथमिक क्षेत्रों को केंद्र में रखा गया है, जिनका उद्देश्य विकासशील देशों की जरूरतों को वैश्विक एजेंडा में शामिल करना है।

भारत ने अपनी अध्यक्षता (2023) के दौरान जिन मुद्दों पर जोर दिया था—

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, खाद्य सुरक्षा, ऋण स्थिरता

इन विषयों को इस बार भी महत्वपूर्ण तवज्जो दी गई है और उम्मीद है कि लीडर्स डिक्लेरेशन में उनका उल्लेख होगा।

जी-20 क्या है?

G-20 दुनिया की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जो—

वैश्विक GDP का बड़ा हिस्सा, विश्व व्यापार का बड़ा भाग, वैश्विक जनसंख्या का महत्वपूर्ण हिस्सा का प्रतिनिधित्व करता है।

दलेला ने कहा कि आतंकवाद भारत के लिए अहम मुद्दा है, लेकिन G-20 का फोकस मुख्यतः आर्थिक और विकास संबंधी चर्चाओं पर रहता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कौन से नेता सम्मेलन में भाग लेंगे, इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

Karan Pandey

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