मिर्जापुर/वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय शास्त्रीय संगीत के दिग्गज और पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित छन्नूलाल मिश्र का निधन हो गया है। वे 89 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें मिर्जापुर के ओझला स्थित रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आज सुबह 5 बजे उन्होंने अपने मिर्जापुर आवास पर अंतिम सांस ली।
लंबे समय से बीमार थे पंडित जी
परिवार के अनुसार पंडित छन्नूलाल मिश्र की तबीयत पिछले कई महीनों से खराब थी। उन्हें बेड सोर और खून की कमी की समस्या थी। बीते शनिवार को अचानक हार्ट अटैक आने के बाद उनका इलाज जारी था। डॉक्टरों ने उन्हें रक्त चढ़ाया, लेकिन स्थिति गंभीर बनी रही।
परिजनों की पुष्टि
उनकी पुत्री और केबी कॉलेज की प्रोफेसर नम्रता मिश्रा ने बताया कि सुबह पिता का निधन हो गया। उन्होंने कहा, “बाबूजी लंबे समय से बीमार थे, डॉक्टर लगातार इलाज कर रहे थे, लेकिन आज सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।”
संगीत जगत में शोक की लहर
पंडित छन्नूलाल मिश्र बनारस घराने के विख्यात शास्त्रीय गायक थे। उन्हें ठुमरी, दादरा और भजन गायन में महारत हासिल थी। उनके निधन की खबर से पूरे संगीत जगत और उनके शिष्यों में शोक की लहर दौड़ गई है।
सम्मान और योगदान
भारत सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया था।
उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई।
वाराणसी से उनका गहरा नाता रहा और वे भक्ति संगीत और लोक धुनों के प्रचार-प्रसार में हमेशा अग्रणी रहे।
अंतिम संस्कार
परिवार ने बताया कि अंतिम संस्कार की तैयारी मिर्जापुर/वाराणसी में की जा रही है। संगीत प्रेमी और शिष्य बड़ी संख्या में श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं।
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