Categories: Uncategorized

विद्युत संविदा कर्मियों की छंटनी का विरोध

संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)
विद्युत संविदा मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता संगठन के प्रदेश अध्यक्ष नवल किशोर सक्सेना ने की। इस दौरान उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा संविदा कर्मियों की 30% छंटनी के संबंध में जारी आदेश का विरोध किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के प्रांतीय प्रभारी पुनीत राय ने कहा कि प्रबंध निदेशक द्वारा जारी यह तानाशाही आदेश, पूरी तरह से अनुचित और असंवेदनशील है। 2017 के पुराने आदेश को वर्तमान समय में लागू करना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि 2017 में विद्युत मांग केवल 14,000 मेगावाट थी, जबकि आज यह बढ़कर 29,000 मेगावाट हो चुकी है। इसके बावजूद, संविदा कर्मियों को हटाने का प्रयास किया जा रहा है, जो न्यायोचित नहीं है। संगठन के मध्यांचल अध्यक्ष अशोक कुमार पाल ने बताया कि वर्तमान समय में संविदा कर्मी 8 घंटे के स्थान पर 16-18 घंटे तक कार्य कर रहे हैं। इन कर्मियों को लाइन मेंटेनेंस, बिलिंग, राजस्व वसूली, उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान, पेड़ों की डालियों की छंटाई, ट्रांसफार्मर का चढ़ाना-उतारना और समय-समय पर ओटीएस जैसी योजनाओं का कार्यभार भी निभाना पड़ रहा है। इसके बावजूद, उन्हें छंटनी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि 2017 में संविदा कर्मियों का कार्य केवल लाइन मेंटेनेंस तक सीमित था, जबकि आज उनकी जिम्मेदारियाँ कई गुना बढ़ चुकी हैं। प्रांतीय प्रभारी ने आंकड़ों के साथ बताया कि 2017 में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत 58 लाख उपभोक्ता थे, जो अब बढ़कर 1.25 करोड़ हो गए हैं। इसके बावजूद, प्रबंधन पुराने आदेश के आधार पर छंटनी का तर्क दे रहा है। यह आदेश संविदा कर्मियों के प्रति अन्यायपूर्ण है। उन्होंने श्रम विभाग के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी आउटसोर्स कर्मी 8 घंटे से अधिक कार्य नहीं करेगा, लेकिन पॉवर कॉर्पोरेशन के अधिकारी इन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष नवल किशोर सक्सेना ने बताया कि मंगलवार की बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि इस आदेश को वापस नहीं लिया गया, तो संगठन विशाल आंदोलन करेगा। यह आंदोलन 10 फरवरी 2025 को एक सत्याग्रह के रूप में आयोजित होगा। संगठन ने जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान दें, अन्यथा मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की व्यवस्था अराजकता की ओर बढ़ सकती है। अरविंद कुमार मीडिया प्रभारी ने बताया कि भीम आर्मी पार्टी के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार ने भी इस कार्यक्रम को अपना समर्थन देते हुए कहा कि संविदा कर्मियों की छंटनी का विरोध जनहित का मुद्दा है और भीम आर्मी पार्टी इस अन्याय के खिलाफ संगठन के साथ खड़ी है। बैठक में प्रमुख पदाधिकारियों सहित दीपक श्रीवास्तव, मो रफ़ी, राजेश कुमार, मुनीश पाल, शकील अहमद, अशोक सक्सेना, रतनलाल, विवेक सक्सेना, राजकमल, अमर सक्सेना, रईस अहमद, शिव कुमार, पीयूष कुमार, हरगोविंद , परमीत तिवारी, रमेश चंद्र, बनवारी लाल, अवनीश कुमार, अंकित द्विवेदी, ऋषि श्रीवास्तव, साबिर, सैकड़ों संविदा कर्मी उपस्थित रहे।

rkpnews@somnath

Recent Posts

प्याज-चीनी की महंगाई से बढ़ी रसोई की चिंता, क्या बफर स्टॉक बनेगा किसान-उपभोक्ता संतुलन का समाधान?

रसोई में महंगाई का तड़का: प्याज 70 रुपये पार, चीनी की तेजी ने बढ़ाई चिंता;…

24 hours ago

औद्योगिक भ्रमण में विद्यार्थियों ने समझी उद्योग जगत की कार्यप्रणाली

बिछुआ (राष्ट्र की परम्परा)। कक्षा में पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वास्तविक…

1 day ago

राखी का संदेश

✍️ विजय गुंजन स्नेह है, अनुराग है, पवित्रता का बंधन है,ममता भरे एक धागे का…

1 day ago

रक्षा बंधन: रिश्तों की डोर से राष्ट्र की परम्परा तक

नवनीत मिश्र रक्षा बंधन केवल कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के…

2 days ago

रॉयल्टी के छह गुना दंड से परेशान पीडब्ल्यूडी ठेकेदार, कार्य बहिष्कार की तैयारी

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश के ठेकेदार रॉयल्टी से जुड़े मामलों…

2 days ago

भाई-बहन का स्नेहाकाश

✍️ संजय एम. तराणेकर कलाई पर बंधता धागा है,पर बंधता है उससे विश्वास,बहन की आँखों…

2 days ago