बलरामपुर(राष्ट्र की परम्परा)।प्रसिद्ध भारतीय संख्याकिविद् प्रो० पी० सी० महालनोबिस की जयंती पर विकास भवन स्थित जिला अर्थ एवं संख्याधि कार्यलय में उन्हें याद किया गया। प्रोफेसर के जन्मदिवस को इस वर्ष – “Alignment of State Indicator Framework with National Indicator Framework For Monitoring sustainable Development Goals”के थीम पर मनाया गया। जिसका अर्थ है, सतत विकास के लक्ष्य हेतु संकेतक की संरचना एवं राज्य संकेतक की संरचना को सुयोजन करने हेतु “निगरानी/अनुश्रवण करना । जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके जीवन पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीईएसटीओ डा० नो० नासेह ने कहा कि संख्याकी के आधार पर हर चीज की गणना को काफी सरल बना दिया जैसे- जनसंख्या का पता लगाना, अधिक गणना करना, सारणीयन कार्य, पाई चार्ट के आधार पर किसी भी डेटा का आसान प्रस्तुतीकरण करना व विभागीय कार्यो का मूल्यांकन करना जैसे ही कई कार्य प्रो० द्वारा खोजी गई प्रणाली के आधार पर की जा रही है। योजना आयोग के सदस्य के तौर पर प्रो० पी. सी. महानलोबिस ने पंचवर्षीय योजना बनाने में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया । द्वितीय पंचवर्षीय योजना (वर्ष 1956-1961) में इन्होंने “औधोगीक्षकर एवं विकास’ पर बल दिया । यह इनका एक आर्थिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है। वर्ष 2006 से भारत सरकार द्वारा प्रो० के जन्मदिन को सख्यिकी दिवस” के रूप में मनाने का निर्णय लिया। इस बार ” 17वां राष्ट्रीय संख्यकी दिवस मनाया गया। प्रो० पी. सी. महालनोविस की भारतीय सांख्यिकी संस्थान की स्थापना में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। सन् 1968 में भारत सरकार करा इन्हें पदद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जिला अर्थ व संख्या अधिकारी डा0 मो० नासेह, डा0 अभिषेक त्यागी, अपर सांख्यिकी अधिकारी श्री राजेश कुमार पटेल उपस्थित रहे।
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