——XXXXX——
ईद उल अज़हा के मुबारक मौक़े
पर कुर्बानी जानवर ही की न करें,
कुर्बानी करना चाहते हैं तो दोस्तो,
जिद, नफ़रत, बदगुमानी की करें।
बदमिजाजी, घमंड, मक्कारी व
चोरी आदि उन लहजों की करें,
जिनसे तल्ख़ियाँ पैदा होती हैं,
इस अवसर पर दिल साफ करें।
वतनपरस्त बनें, जियें और जीने दें,
उस ऊपरवाले को भी प्रसन्न करें,
आपसी भाईचारा सुनिश्चित करें,
इस शुभ त्योहार को सार्थक करें।
बक़रीद त्याग बलिदान का दिन है,
ख़ुदा का दिया अद्भुत तोहफ़ा है,
आदित्य तोहफ़े की ख़ुशी बाँट लो,
सारी क़यामत की दुआ माँग लो।
ख़ुशियों की ये समाँ और ये पैग़ाम,
आदित्य दिलों में संजों कर रखनी हैं,
ईद, दिवाली, क्रिसमस गुरुपूर्णिमा,
प्यारे वतन हिंदुस्तान की संस्कृति हैं।
कर्नल आदि शंकर मिश्र, आदित्य
लखनऊ – 29 जून 2023
आपसी सुलह-समझौते से मामलों के त्वरित और कम खर्चीले समाधान के लिए ग्रामीणों को किया…
आगरा में जनगणना से लेकर वोटर लिस्ट से जननी सुरक्षा योजना का जाना DM मनीष…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। शारदीय नवरात्रि के छठे दिन को पूर्वांचल के प्रमुख शक्तिपीठ मां…
बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। आकांक्षात्मक विकास खंड हुजूरपुर में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक मुख्य…
फोटो X नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को ‘लहरा दो तिरंगा’…
फोटो goo संजय राउत का सुप्रीम कोर्ट को बड़ा संदेश: “माफी मांगने को तैयार हूं,…