Friday, April 24, 2026
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मोती बीए के जन्मदिवस पर लहराया साहित्य का सागर

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे गिरधर करुण, विशिष्ट अतिथि सरदार दिलावर सिंह और इंद्र कुमार दीक्षित थे। सम्मानित अतिथि में रामविलास प्रजापति, डॉ संकर्षण मिश्र, रमेश तिवारी अनजान थे।
मंगलवार को कार्यक्रम मे गिरधर करुण ने मोती बीए के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर माल्यार्पण किया। मुख्य अतिथि दिलावर सिंह ने कहा कि आने वाले समय में हम लोग मोती बीए के नाम पर और आलीशान कार्यक्रम करेंगे । उनसे मेरा परिचय बहुत पुराना था जबकि इंद्र कुमार दीक्षित ने अपनी कविता सुनाई। वही रामविलास प्रजापति ने मोती बीए और कैलाशपति मिश्र पहाड़ी के संदर्भ में अपने विचारों को प्रस्तुत किया। भालचंद उपाध्याय ने मोती बीए की कविता “आई हो रामा” की पंक्तियों को सुनाया । सुशील कुमार उपाध्याय ने “ससुरा से नैहर जाईब सुनाया । दुर्गेश विश्वकर्मा ने बांसुरी के धुन पर मोती बीए के फिल्म के गीत के धुन को सुनाया । डा संकर्षण मिश्र ने अपनी कविता “शबरी के जूठे बेर” से कार्यक्रम में चार चाँद लगाया। रमेश तिवारी अनजान ने मोती बीए पर अपनी स्वरचित कविता को सुना कर वाहवाही बटोते हुए “गीत गजल कविता अनुवादक के खातिर बदनाम उनकर मोती बीए नाम” को सुनाया । कार्यक्रम का संचालन अंजनी कुमार उपाध्याय ने किया व कार्यक्रम में ‘आपका मोती और मोती बीए की आत्मकथा भाग 2 के साथ 6 पुस्तकों का नेट वर्जन का विमोचन किया गया। इस अवसर पर मोतीलाल वेलफेयर सेवा ट्रस्ट द्वारा जिले के विभूतियों के नाम पर सम्मान जारी किया गया, जिनमें मोती बीए के साथ हर्ष द्विवेदी, सुधाकर मणि त्रिपाठी, महेंद्र शास्त्री, विश्वनाथ त्रिपाठी, छांगुर त्रिपाठी, कैलाशपति मिश्र पहाड़ी, डॉक्टर महेंद्र नाथ पाण्डेय, बालकृष्ण पाण्डेय, लक्ष्मी देवी सम्मान, वीरांगना पैजनि सम्मान इत्यादि सामानों से अतिथियों को सम्मानित किया गया । कार्यक्रम में अंटू तिवारी भोजपुरिया, संगम साहनी, अजय मिश्र, बीके सर, बाबूराम प्रजापति, हरकेश यादव, सूरज विश्वकर्मा, दुर्गेश विश्वकर्मा, संगम साहनी, संजीव कुमार गुप्ता, राम धुरी गौड़, अरविंद त्रिपाठी, गजानन मौर्य सहित कई संभ्रांत जन उपस्थित रहे।

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