बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। होली का पर्व जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे घर लौटने की तैयारी कर रहे प्रवासी यात्रियों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। लंबी दूरी की अधिकांश ट्रेनों में पहले से ही सीटें फुल हो चुकी हैं और वेटिंग लिस्ट लगातार लंबी होती जा रही है। कई ट्रेनों में स्लीपर और एसी कोच की वेटिंग 150 से 200 के पार पहुंच चुकी है, जिससे यात्रियों की उम्मीदें अब केवल तत्काल टिकट पर टिकी हैं।
चार मार्च को होली का मुख्य पर्व मनाया जाएगा। इसे देखते हुए मुंबई, अहमदाबाद, सूरत और लुधियाना जैसे बड़े शहरों से बलिया व आसपास के क्षेत्रों में आने वाली ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ देखी जा रही है। रेलवे आरक्षण प्रणाली के अनुसार मुंबई से आने वाली पवन एक्सप्रेस (11061 डाउन) में तीन मार्च तक स्लीपर क्लास पूरी तरह हाउसफुल है, जबकि एसी कोच में वेटिंग 179 तक पहुंच गई है।
अहमदाबाद से आने वाली साबरमती एक्सप्रेस में भी स्लीपर क्लास में कोई सीट उपलब्ध नहीं है और थर्ड एसी में 65 यात्रियों की वेटिंग चल रही है। वहीं लुधियाना से चलने वाली सरयू-यमुना एक्सप्रेस में स्लीपर श्रेणी में 125 तक वेटिंग दर्ज की गई है। सूरत से आने वाली ताप्ती-गंगा एक्सप्रेस में भी स्लीपर में 125 और एसी में 52 यात्रियों की प्रतीक्षा सूची है।
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लगातार बढ़ती वेटिंग के चलते प्रवासी श्रमिकों और नौकरीपेशा लोगों में मायूसी साफ दिखाई दे रही है। यात्रियों का कहना है कि उन्होंने कई हफ्ते पहले टिकट बुक कराने की कोशिश की, लेकिन तब भी सीट नहीं मिल सकी।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। फिलहाल होली को लेकर किसी विशेष स्पेशल ट्रेन की घोषणा नहीं हुई है। यात्रियों को तत्काल टिकट, वैकल्पिक रूट और अन्य परिवहन साधनों पर भी नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
कुल मिलाकर, इस बार होली पर घर पहुंचना आसान नहीं दिख रहा और हजारों यात्रियों की निगाहें रेलवे के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।
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