बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद बलिया के दुबहड़ क्षेत्र के लिए यह खबर राहत और उम्मीद दोनों लेकर आई है। वर्षों से किराये के जर्जर भवन में संचालित हो रहा दुबहड़ थाना अब अपनी स्थायी पहचान की ओर बढ़ चुका है। जिला प्रशासन ने थाना भवन निर्माण के लिए सार्वजनिक भूमि चिन्हित कर ली है। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होते ही नया दुबहड़ थाना भवन बनने की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है।
दुबहड़ थाना दशकों पहले राष्ट्रीय राजमार्ग–31 के किनारे स्थित एक निजी भवन में स्थापित किया गया था। तब से अब तक थाना उसी किराये के भवन में संचालित होता रहा। समय के साथ भवन की हालत अत्यंत खराब हो गई। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकना आम बात है, वहीं बाढ़ के दौरान लगभग हर साल थाना खाली करने की नौबत आ जाती है। ऐसी स्थिति में पुलिसकर्मियों को आसपास के आवासीय भवनों में शरण लेनी पड़ती है, जिससे पुलिस कार्यप्रणाली प्रभावित होती रही है।
भवन स्वामी द्वारा कई बार थाना खाली कराने के प्रयास किए गए, मामला न्यायालय तक पहुंचा और अंततः न्यायालय के आदेश के बाद थाना खाली करने का निर्देश भी जारी हुआ। हालांकि प्रशासनिक अनुरोध के आधार पर अभी तक थाना उसी पुराने भवन में किसी तरह संचालित किया जा रहा है। जगह की कमी के कारण पुलिसकर्मियों का मेस राष्ट्रीय राजमार्ग के दूसरी ओर संचालित करना पड़ता है, जो सुरक्षा और सुविधा दोनों दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रहा है।
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पुलिस अधिकारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद जिला प्रशासन ने हाल ही में दुबहड़ गांव में ही सार्वजनिक भूमि को चिन्हित किया। सोमवार को मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) त्रिभुवन ने मौके पर पहुंचकर चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने वर्तमान दुबहड़ थाना भवन का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई बेहतर रखने, अभिलेखों को अद्यतन रखने और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। समाधान दिवस रजिस्टर, महिला शिकायत रजिस्टर और दैनिक शिकायत रजिस्टर का भी अवलोकन किया गया।
गौरतलब है कि जनपद बलिया में कुल 23 थाने हैं। बीते वर्षों में दुबहड़ थाना को छोड़कर लगभग सभी थानों का आधुनिकीकरण हो चुका है। आधुनिक कार्यालय, पुलिसकर्मियों के लिए बैरक, भोजनालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। अब नया दुबहड़ थाना भवन भी इसी श्रेणी में शामिल होने जा रहा है।
नए थाना भवन के निर्माण से न केवल पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय जनता को भी सुरक्षित और सशक्त पुलिस व्यवस्था का लाभ मिलेगा। दशकों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान होने से दुबहड़ क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।
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