महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।घुघली कस्बे में शनिवार को मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई, जहां हट्ठी माता मंदिर के पास बगीचे में एक बोरे के अंदर नवजात बच्ची मिली। ठंड और भूख से रोती मासूम की आवाज सुनकर स्थानीय युवक मनीष ने तत्परता दिखाते हुए उसकी जान बचाई। यह घटना क्षेत्र में चर्चा और संवेदना का विषय बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 09 निवासी मनीष टहलने निकले थे। इसी दौरान मंदिर के पास रखे बोरे से तेज रोने की आवाज सुनाई दी। संदेह होने पर जब उन्होंने बोरा खोला, तो अंदर एक नवजात बच्ची पड़ी मिली, जिसकी हालत बेहद नाजुक थी। बिना देर किए मनीष बच्ची को अपने घर ले गए, जहां उनकी मां फूलमती ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए बच्ची को दूध पिलाया और गर्माहट देकर प्राथमिक देखभाल की।
ये भी पढ़ें – देवरिया में यातायात पुलिस का सख्त अभियान, 126 वाहनों का ई-चालान, 4 वाहन सीज
बच्ची की हालत गंभीर देखते हुए फूलमती उसे तुरंत घुघली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लेकर पहुंचीं। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा। स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। समय पर इलाज मिलने से नवजात की हालत में सुधार बताया जा रहा है।
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष कुंवर गौरव सिंह ने बताया कि बच्ची को सुरक्षित जिला अस्पताल भेजकर चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और बच्ची को छोड़ने वालों की तलाश जारी है।
इधर, फूलमती ने कानूनन अनुमति मिलने पर बच्ची को गोद लेने की इच्छा जताई है, जिसे लेकर क्षेत्र में सकारात्मक चर्चा हो रही है। यह घटना जहां समाज की संवेदनहीनता को उजागर करती है, वहीं समय पर दिखाई गई इंसानियत ने एक मासूम की जिंदगी बचा ली।
