पति की प्रताड़ना और लापरवाही से नवजात की मौत

दोनों पक्षों ने कोतवाली उतरौला में दर्ज कराई शिकायत

उतरौला/बलरामपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उतरौला के राजा नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान एक नवजात की मौत के मामले में विवाद गहरा गया है। मृतक शिशु के पिता ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया, वहीं प्रसूता के पिता ने पति और ससुराल वालों के खिलाफ प्रताड़ना की शिकायत कोतवाली उतरौला में दर्ज कराई है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच शुरू कर दी है। प्रसूता के पिता का आरोप: पति और ससुराल वालों की प्रताड़ना से बिगड़ी बेटी की हालत प्रसूता के पिता अब्दुल सलाम, निवासी पिपरा रामचंदर, ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी बेटी आफरीन की शादी करीब दो साल पहले फिरोज पुत्र गामा, निवासी ग्राम करगहिया, से हुई थी। शादी के बाद से ही फिरोज और उसके परिवार वाले आफरीन को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते आ रहे थे। उनका आरोप है कि फिरोज दहेज में एक लाख रुपये की मांग कर रहा था और रकम न मिलने पर लगातार आफरीन को प्रताड़ित करता था। रविवार को आफरीन की तबीयत बिगड़ने पर उसके ससुराल वालों ने फोन कर आफरीन के माता-पिता को बुलाया। प्रसूता की मां शाहीन बानो तुरंत बेटी को लेकर राजा नर्सिंग होम, उतरौला पहुंचीं, जहां डॉक्टरों ने अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसे तुरंत भर्ती करने की सलाह दी। लेकिन, फिरोज ने अपनी पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराने के बजाय घर ले जाने का निर्णय लिया, जिससे उसकी हालत और खराब हो गई। गंभीर हालत में आफरीन को दोबारा राजा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां उसने मृत बच्चे को जन्म दिया। प्रसूता के पिता का आरोप है कि प्रसव के बाद फिरोज और उसके परिवार ने आफरीन को अस्पताल में छोड़ दिया और वे वापस नहीं लौटे। नवजात के शव को नानी के सुपुर्द कर दिया गया, जिन्होंने अंतिम संस्कार कर दिया। दूसरी ओर, आफरीन के पति फिरोज ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण उनके नवजात बच्चे की मौत हुई। उन्होंने अस्पताल के खिलाफ कोतवाली उतरौला में शिकायत दर्ज कराई और डॉक्टर पर सही इलाज न करने का आरोप लगाया। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया प्रभारी निरीक्षक संजय दूबे ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतें मिल चुकी हैं और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उतरौला के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सीपी सिंह ने भी जांच के बाद स्पष्ट किया कि महिला का सिजेरियन ऑपरेशन नहीं किया गया था और बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ था। उन्होंने कहा कि बच्चे के शव को उसके नानी के सुपुर्द कर दिया गया था। अस्पताल की लापरवाही और प्रताड़ना के बीच फंसा मामला यह मामला अब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के समक्ष जांच के लिए प्रस्तुत है, जहां दोनों पक्षों के आरोपों की तहकीकात की जा रही है। स्थानीय लोग और प्रसूता के परिवार को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Karan Pandey

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