गोरखपुर परिक्षेत्र में अपराध पर शिकंजा कसने की नई पहल

एक जैसे अपराधों की कड़ियों को जोड़ने के लिए क्राइम एनालिसिस टीम’ का गठन

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
गोरखपुर जोन में बढ़ते संगठित अपराधों और एक ही तरह की वारदातों को कई जनपदों में अंजाम देने वाले गिरोहों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस ने नई रणनीति तैयार की है। अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन के निर्देश पर गोरखपुर परिक्षेत्र स्तर पर क्राइम एनालिसिस टीम का गठन किया गया है।
एडीजी जोन अशोक जैन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, वर्तमान समय में यह देखा जा रहा है कि अपराधी गैंग एक से अधिक जनपदों में एक जैसी घटनाओं—जैसे शराब की दुकानों पर नकबजनी—को अंजाम दे रहे हैं। इन घटनाओं की कार्यप्रणाली भी समान होती है, लेकिन संबंधित जनपद अक्सर अपने-अपने स्तर पर ही मामलों के खुलासे पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिससे व्यापक स्तर पर अपराधियों तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
इसी समस्या के समाधान के लिए परिक्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर में अपराध शाखा के अधीन एक विशेष “क्राइम एनालिसिस टीम” का गठन किया गया है। इस टीम में उपनिरीक्षक श्रीराम उपाध्याय (वाचक), मुख्य आरक्षी सतीश शर्मा एवं उपनिरीक्षक वरुण सांक्रित्यायन को शामिल किया गया है।
टीम का मुख्य कार्य ऐसे अपराधों की पहचान करना होगा, जो अलग-अलग जनपदों में समान तरीके से लगातार घटित हो रहे हैं। वाचक स्तर से इन घटनाओं की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी, जिसके बाद टीम संबंधित जनपदों से सीडीआर, डंप डेटा एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक सूचनाएं प्राप्त कर उनका गहन विश्लेषण करेगी।
विश्लेषण के बाद टीम अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि स्पष्ट किया गया है कि यह टीम किसी प्रकार की अनुश्रवण (लिसनिंग/फोन टैपिंग) की कार्रवाई नहीं करेगी। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई पूर्व की भांति जनपद स्तर पर ही की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केवल डेटा एनालिसिस के माध्यम से विभिन्न जनपदों को आवश्यक मार्गदर्शन देना है, ताकि एक ही गिरोह द्वारा की जा रही वारदातों पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाया जा सके।
गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महाराजगंज जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे अपराधों की पहचान कर जानकारी साझा करें, जिससे इस नई व्यवस्था के माध्यम से संगठित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
पुलिस महकमे की इस नई पहल को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे परिक्षेत्र में सक्रिय गैंगों की पहचान कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने में मदद मिलेगी।

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