डीआईजी स्टांप ने बैठक में दी जानकारी, निबंधन से आय का 3% बढ़ाया लक्ष्य
बदलाव
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
उपमहानिरीक्षक (डीआईजी, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन) अविनाश पांडेय ने गुरुवार की देर शाम सहायक महानिरीक्षक (एआईजी, निबंधन) कार्यालय में सब रजिस्ट्ररों और कर्मचारियों के साथ बैठक की। इस दौरान डीआईजी पांडेय ने बताया कि जिले में एक अगस्त से नया सर्किल रेट किया जायेगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सलाह दिया कि सब रजिस्ट्रारों के समन्वय से नया सर्किल रेट चार्ट तैयार करें तथा स्टांप के मुकदमों को कम करने का प्रयास करते हुए शत-प्रतिशत स्टांप वसूली सुनिश्चित करें। जानकारी दी कि शासन ने निबंधन आय के वार्षिक आय के लक्ष्य में तीन फीसदी बढ़ोत्तरी करते हुए 267 करोड़ निर्धारित किया है।
डीआईजी ने स्टांप वाद के मामलों पर कहा कि ऐसी व्यवस्था करें कि वाद कम से कम हो। साथ ही राजस्व गांवों का सर्किल रेट निर्धारण में बढ़ोत्तरी करते समय ध्यान रखें कि रेट ऐसा होना चाहिए कि अन्य जिले या प्रदेश से जमीन रजिस्ट्री कराने आने
नए सर्किल रेट तैयार करने के लिए हर स्थापित करने के साथ ही करायेनामा आदि की गहन निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। उम्मीद है जल्द सर्किल रेट तैयार होगा, जिसका सत्यापन करने के बाद लागू किया जायेगा। अविनाश पांडेय, डीआईजी आजमगढ़ मंडल (स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग)
वाले लोग परेशान न हो। उन्होंने एआईजी को अपने स्तर से निर्धारित होने वाले सर्किल रेट का मानिटरिंग करने तथा जिला पंचायत, खाद्य औषधि विभाग की ओर से आवंटित लाइसेंसी दुकानों के किरायेनामा की जांच कर यह जानकारी करने के लिए निर्देशित किया कि उनका स्टॉप रेट सही लगा है या नहीं।
साथ ही जिले में मिट्टी और बालू खनन की हो रही ढुलाई की जांच कर देखें कि उन पर नियमानुसार स्टांप लगाया जा रहा है या नहीं। अगर नियमानुसार स्टांप नहीं लगा है तो कार्रवाई करें। उन्होंने जिले के शहर, कस्बा में स्थित शोरूम और मॉल आदि के किरायेनामा की बाकरीकी से निरीक्षण करने को कहा ताकि निबंधन की आय में किसी प्रकार की हानि न होने पाए। इस मौके पर एआईजी राजेन्द्र
260 करोड़ 2024-25 जनपद के लिए तय था लक्ष्य
210 करोड़ रुपये 31 मार्च तक हुई है निबंधन की आय
सब रजिस्ट्रार विनय कुमार सिंह, अभयसिंह, अहमद हुसैन, प्रमोद कुमार गुप्त के अलावा जिले के सभी निबंधन कार्यालय के कर्मचारी थे।
भूमि निबंधन में प्रदेश में 56 वीं और मंडल में जनपद रहा फीसड्डी: बलिया। वित्तीय वर्ष 2024-25 के निबंधन से होने वाली आय में प्रदेश को 56वीं रैंक मिली है। वहीं आजमगढ़ मंडल में भी जनपद फीसही रहा है। स्थिति यह है कि शासन ने निबंधन के वार्षिक आय का लक्ष्य 260 करोड़ निर्धारित किया था।
इसके सापेक्ष 31 मार्च 2025 तक 210 करोड़ की आय हुई है, जो लक्ष्य का लगभग 80 फीसदी है। लेकिन प्रदेश और मंडल में रैंकिंग बेहद खराब हुई है। इन सबके बीच निबंधन विभाग का दावा है कि वह वित्तीय वर्ष 2023 24 के सापेक्ष 11 फीसदी अधिक आय
अर्जित किए हैं।
विभाग की मानें तो निबंधन आय में पिछड़ने को कई वजहें हैं। एक तो जिला प्रदेश के पूर्वी छोर पर स्थित है और स्वास्थ्य से लगायत शिक्षा क्षेत्र में बड़े शहरों की अपेक्षा काफी पिछड़ा हुआ है। ऐसे में समृद्ध खासकर प्लाटिंग और चिल्डर बड़े शहरों में निवेश कर रहे हैं। जनपद के भी ऐसे लोग जो शहरों में बसने के इच्छुक हैं, वह वाराणसी, लखनऊ, गोरखपुर आदि बड़े शहरों में जमीन खरीदना बलिया की अपेक्षा अधिक इच्छुक हैं। वहीं दूसरी ओर जिले की भौगोलिक स्थित कुछ इस कदर है कि यहां बाढ़ आदि का प्रकोप हर वर्ष रहता है, जिससे खेती प्रभावित होती है। ऐसे में कृषि योग्य भूमि की खरीद-बिक्री पहले से काफी कम हो गई है। लिहाजा जिले में निबंधन का आय घटना लाजमी है।
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