
काठमांडू (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)नेपाल में तख्तापलट का संकट दिन-प्रतिदिन गहराता जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाने के खिलाफ युवाओं द्वारा राजधानी काठमांडू में आयोजित Gen-Z प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। अब तक इस प्रदर्शन में 19 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों की संख्या में लोग घायल हुए हैं। स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और सरकार विरोधी माहौल तेजी से उग्र हो रहा है।
हिंसक प्रदर्शनों के बीच मंत्रियों के इस्तीफे का सिलसिला भी शुरू हो गया है। सोमवार को गृहमंत्री रमेश लेखक ने इस्तीफा दिया, जबकि मंगलवार को कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी और स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल ने भी अपने पद छोड़ दिए। लगातार हो रहे इस्तीफों ने ओली सरकार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
इधर, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली देश छोड़ने की तैयारी में जुट गए हैं। बताया जा रहा है कि इलाज के बहाने वे दुबई जाने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए एक निजी एयरलाइन, हिमालय एयरलाइंस को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
राजधानी काठमांडू सहित देश के कई शहरों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अब उनकी मांग केवल सोशल मीडिया बैन हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हालात यदि जल्द काबू में नहीं आए, तो नेपाल एक बड़े राजनीतिक अस्थिरता के दौर में प्रवेश कर सकता है।
