Tuesday, February 10, 2026
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निजी स्कूल बस की लापरवाही ने छीनी मासूम की मुस्कान

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) देवरिया जिले के सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां निजी स्कूल बस की लापरवाही के चलते 6 वर्षीय मासूम छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। यह घटना एक बार फिर स्कूल बस सुरक्षा व्यवस्था और चालकों की जिम्मेदारी पर बड़े सवाल खड़े करती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सलेमपुर क्षेत्र के ग्राम बरसीपार निवासी रामबदन की 6 वर्षीय पुत्री अंशिका एक निजी विद्यालय में अध्ययनरत है। रोज की तरह वह स्कूल बस से पढ़ाई कर घर लौट रही थी। बताया जा रहा है कि बस चालक ने लापरवाही बरतते हुए बच्ची को सड़क किनारे उतार दिया और यह सुनिश्चित किए बिना कि छात्रा सुरक्षित दूरी पर पहुंच गई है, बस को आगे बढ़ा दिया।

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इसी दौरान मासूम अंशिका बस के पिछले चक्के की चपेट में आ गई, जिससे उसके दोनों पैर बुरी तरह कुचल गए। हादसा होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से परिजनों को सूचना दी गई और बच्ची को तत्काल सलेमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
हालत गंभीर, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर
सीएचसी सलेमपुर में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बच्ची की हालत गंभीर बताते हुए उसे देवरिया मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां भी स्थिति नाजुक बनी रही, जिसके बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। फिलहाल बच्ची का इलाज जारी है और डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में रखे हुए है।

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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद बच्ची के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का कहना है कि यदि बस चालक थोड़ी भी सावधानी बरतता, तो यह हादसा टल सकता था। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

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स्कूल बस सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
यह मामला केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि निजी स्कूल बस लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण है। नियमों के अनुसार बच्चों को बस से उतारते समय वाहन पूरी तरह रोकना, सहायक की मौजूदगी और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है। इसके बावजूद ऐसी घटनाएं होना प्रशासनिक लापरवाही और स्कूल प्रबंधन की उदासीनता को दर्शाता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी बस चालक और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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