कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)
जिलाधिकारी रमेश रंजन की अध्यक्षता में विकासखंड स्तर पर संचालित विकास कार्यक्रम की समीक्षा हेतु, आवश्यक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न की गई। बैठक में खंड विकास अधिकारियों के साथ समस्त ब्लॉक प्रमुख व उनके प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
उक्त बैठक मुख्य रूप से पर्यटन के क्षेत्र में जनपद कुशीनगर में मुख्य क्षेत्रों में संभावनाएं तलाशने तथा ग्राम स्तर पर मनरेगा कार्य व अन्य विकास कार्यो की समीक्षा से संबंधित थी।
खेल मैदान, अमृत सरोवर, मिनी स्टेडियम इत्यादि कार्यों के माध्यम से गांव का विकास तथा विभिन्न ऐतिहासिक/धार्मिक महत्ता के क्षेत्रो का पर्यटन के दृष्टिगत, विकास से संबंधित बैठक में सभी खंड विकास अधिकारियों द्वारा अपने अपने क्षेत्र में पर्यटन हेतु, चयनित स्थलों की सूची व वहां होने वाले विकास कार्य तथा उक्त स्थल के पर्यटन के क्षेत्र में विकसित होने की संभावनाओं के संबंध में, पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया गया।
इस क्रम में विकासखंड कप्तानगंज में पर्यटन हेतु चयनित स्थलो में कुलकुला धाम मंदिर, राजमंदिर ताल, चेड़ा देवी, ब्लाक पडरौना के चयनित पर्यटन स्थल में कोहटवलिया, सिकटा पोखरा, खिरकिया स्थान, भिस्वालाला पोखरा और रहखा माई स्थान, विकास खण्ड खड्डा से दरगौली, नरकहवा शिव मंदिर, रामपुर बांगर, मोतीचक से पुरैनी का राम जानकी मंदिर, तुर्कहा ताल, विशुनपुरा से गंभीरया बुजुर्ग, भुजौली शिव मंदिर, जटहा बाजार शिव मंदिर और माघी कोटहिलवा, तमकुहीराज से सरया बुजुर्ग, रामकोला का खोटही मणिताल, हाटा में हिरण्यवती नदी का मार्ग, सेवरही से जगदीशपुर का बसही मंदिर, भगवानपुर शिव मंदिर, पथरवा शिव मंदिर, बैजूपट्टी, तरया सुजान, सुकरौली के मंझरिया ताल आदि को पर्यटन के दृष्टिगत विकसित करने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिए।
जिलाधिकारी ने उपस्थित खंड विकास अधिकारियों तथा ब्लॉक प्रमुखों को संबोधित करते हुए, बताया कि कुशीनगर में बहुत ज्यादा पोटेंशियल है और यहां रोजगार और पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाया जा सकता है। इस क्रम में जिलाधिकारी ने बताया कि मिनी स्टेडियम में ट्रैक, प्रकाश व्यवस्था, बेंच के साथ-साथ ओपन जिम और झूले भी आवश्यक रूप से लगाए जाए, सौंदर्यीकरण किया जाए । बड़े अमृत सरोवर में बोटिंग कार्य भी शुरू करवाए जा सकते है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद कुशीनगर प्रदेश के उन चुनिंदा जिलों में शामिल है, जहां बड़े क्षेत्रफल वाले झील और तालाब बहुतायत में हैं। उन्होनें बताया कि आने वाले समय में पर्यटन की दृष्टि से यह जनपद काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। इन क्षेत्रों के विकास की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी ने उपस्थित ब्लॉक प्रमुखों को साइंस लैब, ग्राम सभा में लाइब्रेरी आदि की संभावनाओं के बारे में भी बताया व उसे भी विकसित करने हेतु कहा। जिलाधिकारी ने कहा आगे भी इस तरह की बैठकें आयोजित की जाएंगी और जो भी समस्याएं हैं उनका समाधान मिलजुल कर किया जाएगा, और जनपद को पर्यटन तथा विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाए जाने में साथ मिलकर कार्य किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी, परियोजना निदेशक जगदीश त्रिपाठी, डीसी मनरेगा राकेश कुमार, सभी संबंधित अधिकारी तथा समस्त ब्लाक प्रमुख व प्रतिनिधि और समस्त खंड विकास अधिकारी गण मौजूद रहे।
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