राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस : युवा शक्ति और समाज सेवा का महापर्व

दिन विशेष: प्रस्तुति- नवनीत मिश्र

हर वर्ष 24 सितंबर को भारतभर में राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह दिवस सिर्फ एक तिथि नहीं, बल्कि युवाओं के सामाजिक दायित्व, मानवता और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। 1969 में महात्मा गांधी के आदर्शों और उनके ‘सेवा ही श्रेष्ठ धर्म है’ के संदेश को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना की गई थी। आज यह योजना देश के युवाओं को न केवल सामाजिक सरोकारों से जोड़ती है, बल्कि उन्हें जीवन की सच्ची शिक्षा भी प्रदान करती है।

राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल उद्देश्य युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करना है। एनएसएस में शामिल छात्र-छात्राएं शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा के माध्यम से वास्तविक जीवन अनुभव प्राप्त करते हैं। यह योजना उन्हें यह सिखाती है कि समाज की भलाई केवल सरकार या संस्थानों का काम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

एनएसएस के कार्यक्रमों में युवा ही सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, शिक्षा और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, पर्यावरण संरक्षण तथा वृक्षारोपण जैसे कार्य केवल सेवा ही नहीं बल्कि नेतृत्व, अनुशासन और सहकारिता की भावना को भी विकसित करते हैं। इन अनुभवों से युवा वर्ग न केवल व्यक्तिगत विकास करता है बल्कि समाज की समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने में भी सक्षम होता है। राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस का संदेश स्पष्ट है “सेवा में ही शक्ति है”। जब युवा समाज की भलाई के लिए तत्पर रहते हैं, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है। एनएसएस केवल एक छात्र कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण स्तंभ है। युवा जब अपने ज्ञान और ऊर्जा को समाज सेवा में लगाते हैं, तब उनकी शिक्षा का वास्तविक अर्थ सामने आता है।

राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि समाज सेवा केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि जीवन का आदर्श मार्ग है। युवा शक्ति और समाज सेवा का यह संगम राष्ट्र के उज्जवल भविष्य की आधारशिला है। हर छात्र-छात्रा को चाहिए कि वे एनएसएस के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएँ और समाज की सेवा के लिए समर्पित हों। आखिरकार, “Not Me, But You” का मंत्र केवल शब्द नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन है, जिसे अपनाकर हम सच्चे नागरिक बन सकते हैं।

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

नाले जस के तस: 9.50 लाख के सफाई टेंडर पर उठे सवाल, सभासद गौरव निषाद ने किया भुगतान रोक कर जांच की मांग

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के नगर पंचायत मगहर में नालों की सफाई…

15 hours ago

50 मछुआरों का एनएफडीपी पोर्टल पर हुआ पंजीकरण

कपरवार/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l मछली पालन, झींगा पालन, मछली विक्रेताओं, मत्स्य सहकारी समितियों, मछुआरा समूहों और…

15 hours ago

पंचायत चुनाव की निर्वाचक नामावली प्रकाशित, शुरू हुआ निरीक्षण

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। तहसील खलीलाबाद, मेंहदावल और धनघटा के अंतर्गत आने वाली…

15 hours ago

पुलिस भर्ती परीक्षा की शुचिता पर प्रशासन सख्त, डीएम-एसपी ने केंद्रों का किया औचक निरीक्षण

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2025 को निष्पक्ष, पारदर्शी,…

15 hours ago

सस्टेनेबिलिटी एम्बेसडर ग्लोबल एक्सचेंज कार्यक्रम में डीडीयू के सात विद्यार्थियों का चयन, बेंगलुरु में लेंगे अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सात विद्यार्थियों का चयन इको नेटवर्क…

15 hours ago

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में प्रियंका का परचम, स्वर्ण पदक से बढ़ाया महाविद्यालय का गौरव

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रभादेवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खलीलाबाद के शारीरिक शिक्षा संकाय (बीपीएड)…

15 hours ago