राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया

न्यायालयों द्वारा 600074 वादों का निस्तारण किया गया

कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)
शनिवार काे राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर के तत्वाधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमे अशोक कुमार सिंह जनपद न्यायाधीश कुशीनगर, धवल जायसवाल पुलिस अधीक्षक कुशीनगर के द्वारा दीप प्रज्जवलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर रामइच्छुक यादव, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सुनील कुमार, विशेष न्यायाधीश एस०सी०,एस०टी० कुशीनगर, दिनेश पाल यादव, अति० प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय कुशीनगर, विजय कुमार हिमांशु, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्याममोहन जायसवाल, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश,एफ०टी०सी० द्वितीय, मदन मोहन, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफ०टी०सी० प्रथम, रविकान्त यादव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कुशीनगर, प्रशान्त कुमार, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दिनेश कुमार द्वितीय, सिविल जज (एस.डी.) कसया, सुनील कुमार त्रिपाठी, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कसया कुशीनगर, नवनीत कश्यप, सिविल जज (जू०डि०) कसया, चन्द्रप्रकाश तिवारी, न्यायिक मजिस्ट्रेट कसया कुशीनगर, श्वेता तिवारी, अति० सिविल जज (जू०डि०) कसया , मनीष कुमार यादव, सिविल जज (जू०डि०) कुशीनगर, करिश्मा जायसवाल, न्यायिक मजिस्ट्रेट कुशीनगर, रणन्जय सिंह, अति० सिविल जज (जू०डि०) कसया कुशीनगर तथा नरेन्द्र कुमार मिश्र, अध्यक्ष, प्रवीण कुमार दूबे, महामंत्री, बार एसोसिएशन, कुशीनगर, घनश्याम तिवारी मुख्य प्रशासनिक अधिकरी जजशिप कुशीनगर, फणीन्द्र मिश्र, राजकुमार वर्मा, प्रदीप कुमार झा, विजय कुमार मिश्र, अमरनाथ यादव, राजन मिश्र, रविन्द्र नाथ व अन्य कर्मचारीगण एवं काफी संख्या में अधिवक्ता तथा वादकारीगण उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों द्वारा कुल 60074 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें फौजदारी के 3605 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें जुर्माने के रूप में रूपया 219950 की धनराशि वसूल कर राजकीय कोष में जमा करायी गयी। राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना से सम्बन्धित 22 क्लेम वादों का निस्तारण करते हुए, मृतकों एवं घायलों के आश्रितों को रूपयें- 1,33,70,000/- मुआवजा दिलवाया गया। पारिवारिक न्यायालयों द्वारा 18 वादों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक ऋण से सम्बन्धित वादों का प्री-लिटिगेशन स्तर पर बैंको द्वारा कुल 1108 बैंक ऋण वादों का निस्तारण करते हुए रूपया- 80124718.62/- टोकन मनी के रूप में ऋण धारियों से वसूल की गयी तथा 380राजस्व वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें रु० 155730 धनराशि जमा करायी गयी।
इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 60074 वादों का निस्तारण किया गया।
साथ ही शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में मध्यस्थता एवं सुलह-समझौता केन्द्र द्वारा तीन ऐसे विवाहित जोड़े, जो लम्बे समय से आपसी विवाद के कारण अलग-अलग रह रहे थे, उनमें सुलह-समझौता कराकर एक साथ विदा किया गया।

rkpnews@somnath

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