डिजिटल जनगणना की ओर बड़ा कदम: सिकंदरपुर तहसील में 16वीं जनगणना का हुआ भव्य शुभारंभ
सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। देश के विकास की मजबूत नींव मानी जाने वाली जनगणना प्रक्रिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तहसील सिकंदरपुर में भारत की 16वीं जनगणना का विधिवत शुभारंभ किया गया। बंशी बाजार स्थित एक निजी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति ने इसे विशेष बना दिया। कार्यक्रम का उद्घाटन अपर जिला अधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अनिल कुमार ने किया।
इस अवसर पर एसडीएम सिकंदरपुर सुनील कुमार, डिप्टी कलेक्टर एवं चार्ज अधिकारी, तहसीलदार देवेन्द्र पांडेय, खंड विकास अधिकारी विनोद कुमार तथा खंड शिक्षा अधिकारी पंकज कुमार सिंह सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में जनगणना कार्य से जुड़े प्रगणकों और सुपरवाइजरों की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जो इस राष्ट्रीय दायित्व को लेकर उत्साहित नजर आए।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर जिला अधिकारी अनिल कुमार ने जनगणना के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनगणना किसी भी देश के लिए नीतियों और योजनाओं के निर्माण की आधारशिला होती है। इसके आंकड़े सरकार को यह समझने में मदद करते हैं कि किस क्षेत्र में किस प्रकार की योजनाओं की आवश्यकता है और किस तरह संसाधनों का सही उपयोग किया जाए। उन्होंने उपस्थित कर्मियों को निर्देशित किया कि वे इस कार्य को पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करें।
उन्होंने यह भी बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जो इसे पहले की तुलना में अधिक सटीक और पारदर्शी बनाएगी। डिजिटल तकनीक के उपयोग से डेटा संग्रहण में तेजी आएगी और त्रुटियों की संभावना भी कम होगी। इससे न केवल प्रशासन को लाभ मिलेगा बल्कि आम जनता के लिए भी यह प्रक्रिया अधिक सरल और भरोसेमंद होगी।
जनगणना की प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा, जो 22 मई से 20 जून तक चलेगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर मकानों से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। इस प्रक्रिया में कुल 34 प्रश्नों के माध्यम से मकानों की स्थिति, संरचना, सुविधाएं और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज किए जाएंगे।
दूसरे चरण में जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा, जिसकी शुरुआत 7 फरवरी से होगी। इस चरण में प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जानकारी जैसे आयु, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक स्थिति आदि का संकलन किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, 1 मार्च की रात 12 बजे तक सभी आंकड़ों को एकत्र कर लिया जाएगा और इसके बाद उन्हें आधिकारिक रूप से जारी किया जाएगा।
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कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने प्रगणकों और सुपरवाइजरों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ करें। साथ ही आम जनता से भी सहयोग की अपेक्षा की गई, ताकि यह राष्ट्रीय महत्व का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
इस अवसर पर उपस्थित सभी कर्मियों में उत्साह और जिम्मेदारी का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उन्होंने संकल्प लिया कि वे इस जनगणना को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि तकनीक और पारदर्शिता के साथ जनगणना प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है, जिससे देश के विकास को नई दिशा मिलेगी।
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