मुंबई 26/11: 60 घंटे के महामिशन के बाद वीर कमांडो ने शहर को दहशत से मुक्त किया था

(विशेष रिपोर्ट – राष्ट्र की सुरक्षा का सबसे बड़ा सबक)

26 नवंबर 2008 — यह तारीख भारतीय इतिहास के उन दर्दनाक अध्यायों में दर्ज है, जिसे याद करते ही दिल भर आता है और आंखें नम हो जाती हैं। तीन दिनों तक मुंबई की धरती गोलियों की गूंज, धमाकों की प्रतिध्वनि और चीखों की आवाज़ सहती रही। देश की आर्थिक राजधानी को निशाना बनाकर घुसे आतंकियों ने निर्दोष नागरिकों, पुलिसकर्मियों, होटल स्टाफ, विदेशी मेहमानों और सुरक्षाकर्मियों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं।

ये भी पढ़ें –आज किस राशि का दिन चमकेगा? जानें सभी 12 राशियों का पूरा भविष्यफलक

लेकिन इसके ठीक 60 घंटे बाद, वीर भारतीय कमांडो ने वह कर दिखाया, जिसकी उम्मीद हर नागरिक को थी — उन्होंने मुंबई को आतंक के शिकंजे से पूरी तरह मुक्त कराया।
यह सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं था, बल्कि भारत की रक्षा-संस्थाओं के अदम्य साहस, धैर्य और कुशल रणनीति का जीता-जागता प्रतीक था।

ये भी पढ़ें –Tere Ishk Mein Day 1 Box Office: धनुष–कृति सेनन की फिल्म ने पहले ही दिन मचाया धमाल, 32 फिल्मों को पीछे छोड़ 16.50 करोड़ की ओपनिंग

आतंक का वह काला दौर
उस रात करीब 9:30 बजे जब मुंबई अपनी सामान्य रफ्तार में थी, तभी अचानक दक्षिण मुंबई के प्रतिष्ठित स्थान—ताज होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट, नरीमन हाउस, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और लियोपोल्ड कैफे की शांति को गोलियों ने चूर-चूर कर दिया।
कुछ ही मिनटों में शहर दहशत में डूब गया।

ये भी पढ़ें –“शनि की साढ़ेसाती: संघर्ष से सफलता तक का आध्यात्मिक मार्ग”

आतंकियों ने बड़े होटल्स को युद्धभूमि में बदल दिया और बंधक बनाए लोग मौत और उम्मीद के बीच फंसे रहे। इस बीच, मुंबई पुलिस के बहादुर जवानों ने अपनी जान पर खेलकर आतंकियों का सामना किया, लेकिन यह हमला इतना बड़ा था कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) को बुलाना पड़ा।

ये भी पढ़ें –6 साल पुराना वही विवाद, जिसने इमरान खान को पहुँचाया जेल और आसिम मुनीर को पाकिस्तान की सबसे बड़ी कुर्सी पर

NSG का ऐतिहासिक ‘ऑपरेशन ब्लैक टॉर्नेडो’

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के कमांडो रात के अंधेरे में दिल्ली से मुंबई पहुंचे। उनके सामने चुनौती थी—सैकड़ों बंधक,जटिल होटल संरचना
हर जगह विस्फोटक,और प्रशिक्षित आतंकी, जो मौत को हथियार बनाकर छिपे बैठे थे।,लेकिन NSG कमांडो ने अद्भुत धैर्य और कौशल दिखाते हुए एक-एक स्थान पर सटीक रणनीति अपनाई।
ऑपरेशन ब्लैक टॉर्नेडो नाम के इस मिशन ने भारतीय सुरक्षा तंत्र की दक्षता को विश्व स्तर पर सम्मान दिलाया।

ये भी पढ़ें –Thailand Floods & Landslides: थाईलैंड में तबाही! मौत का आंकड़ा 145 पार, 36 लाख लोग प्रभावित – सरकार पर गुस्सा फूटा

60 घंटे की महागाथा — साहस की, बलिदान की, और अमर राष्ट्रभक्ति की

60 घंटों तक लगातार गोलियों की आवाज़ें, धुएं की परतें और धमाकों की कंपनें मुंबई की हवा में तैरती रहीं।
किसी भी क्षण जीवन का अंत निश्चित था, लेकिन भारतीय कमांडो बिना डरे, बिना थके आगे बढ़ते रहे।

ताज होटल में कमांडो की हर सीढ़ी और हर फ्लोर पर हुई कार्रवाई एक युद्ध की तरह थी।
ओबेरॉय में बंधकों को सुरक्षित बाहर निकालना सबसे बड़ी चुनौती बनी।
नरीमन हाउस में आतंकियों का भारी प्रतिरोध हुआ, लेकिन कमांडो पीछे नहीं हटे।

ये भी पढ़ें –India Earthquake 2025: क्या बड़े भूकंप की जद में आ सकता है भारत? नए ज़ोनिंग मैप में चौंकाने वाला खुलासा

अंततः, तीसरे दिन दोपहर बाद NSG ने घोषणा की—
“सभी आतंकियों को मार गिराया गया है। मुंबई सुरक्षित है।”
भारत ने खोए अपने बहादुर बेटे, पर जीता साहस का परचम
इस हमले में मुंबई पुलिस, एनएसजी और अन्य सुरक्षा बलों के कई जवान शहीद हुए।
एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे, अशोक काम्टे, विजय सालस्कर—ये नाम आज भी हर भारतीय की आंखें नम कर देते हैं।
उनकी शहादत ने भारत को यह सीख दी कि आतंकवाद का मुकाबला केवल हथियारों से नहीं, बल्कि अदम्य इच्छाशक्ति और साहस से होता है।
इस मिशन से मिली रणनीतिक सीखें।
सुरक्षा एजेंसियों के बीच तेज और सटीक समन्वय
त्वरित प्रतिक्रिया बलों की मजबूत प्रणाली।
मेट्रो शहरों में संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा। समीक्षा।
नई तकनीक, निगरानी और संचार प्रणाली का विकास।
समुद्री सुरक्षा की व्यापक पुनर्संरचना।
इन 60 घंटों ने भारत की सुरक्षा नीति को नए सिरे से लिखने में अहम भूमिका निभाई।
26/11 सिर्फ याद नहीं, राष्ट्र की चेतना है
आज यह घटना भारत को चेताती है कि बाहरी खतरे कभी खत्म नहीं होते, और हमारी तैयारी निरंतर मजबूत रहनी चाहिए।
यह दिन शहीदों के सम्मान का, सुरक्षा बलों के आत्मबल का और नागरिकों की एकजुटता का प्रतीक है।
मुंबई ने दर्द झेला, लेकिन झुकी नहीं।
और यही भारत की आत्मा है — अडिग, अटूट और अजेय।

Editor CP pandey

Recent Posts

देवरिया में खेत की आग से दर्दनाक हादसा, झोपड़ी जली, दिव्यांग महिला की मौत

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के बरहज थाना क्षेत्र के कोटवा देवरा गांव में बुधवार…

3 hours ago

देवरिया में निःशुल्क बीज मिनीकिट व अनुदानित बीज की ऑनलाइन बुकिंग शुरू

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में किसानों के लिए खरीफ-2026 सीजन हेतु निःशुल्क बीज मिनीकिट…

4 hours ago

दिल्ली में मोमोज खाने से 12 लोग बीमार, बच्चे की हालत गंभीर

दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी दिल्ली के पटपड़गंज इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने…

4 hours ago

देवरिया में संचारी रोग नियंत्रण अभियान तेज, गांव-गांव जागरूकता

भलुअनी/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में संचारी रोगों से बचाव के लिए एक अप्रैल से…

4 hours ago

संतकबीरनगर में सड़क सुरक्षा सख्त: ब्लैक स्पॉट पर रम्बल स्ट्रिप अनिवार्य

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने सख्त…

4 hours ago

महिलाओं के अधिकार में देरी क्यों? कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब

सलेमपुर, देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सलेमपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित कार्यकर्ताओं की बैठक में…

5 hours ago