जयनगर के बिरहोर टोला से 10 बच्चे लापता, 7 दिन बाद भी सुराग नहीं, पुलिस की स्पेशल टीम सक्रिय
हजारीबाग (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जयनगर थाना क्षेत्र के गडियाई बिरहोर टोला से 10 बिरहोर बच्चों के लापता होने का मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। बीते 31 जनवरी से बच्चे रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हैं। लगातार सात दिनों तक बच्चों के वापस नहीं लौटने से पूरे बिरहोर टोला में दहशत और बेचैनी का माहौल है। परिजन अनहोनी की आशंका जता रहे हैं और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी बच्चे अपने परिजनों के साथ परसाबाद में आयोजित एक भोज कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद बड़े लोग तो सुरक्षित लौट आए, लेकिन बच्चे वापस नहीं आए। शुरुआत में परिजनों को लगा कि बच्चे आसपास ही होंगे और स्वयं लौट आएंगे, लेकिन समय बीतने के साथ मामला लापता बच्चों का बन गया।
ये भी पढ़ें – 🔮 7 फरवरी 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक जानें धन, नौकरी, करियर, प्रेम और राजनीति का पूरा हाल
इस गंभीर स्थिति की सूचना बेरोगाई पंचायत के मुखिया राजेंद्र प्रसाद यादव ने पुलिस प्रशासन और प्रखंड विकास पदाधिकारी को दी। इसके बाद गुरुवार देर शाम बच्चों के परिजन जयनगर थाना पहुंचे और लिखित शिकायत देकर इंसाफ की गुहार लगाई। मामला सामने आते ही प्रशासन हरकत में आया।
एसपी अनुदीप सिंह के निर्देश पर शुक्रवार को एक स्पेशल सर्च टीम का गठन किया गया। टीम में डीएसपी दिवाकर कुमार, तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार और जयनगर थाना प्रभारी उमानाथ सिंह शामिल हैं। टीम ने दल-बल के साथ बिरहोर टोला पहुंचकर परिजनों से पूछताछ की और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस आसपास के इलाकों, परसाबाद क्षेत्र और संभावित रास्तों पर गहन छानबीन कर रही है।
ये भी पढ़ें – 07 फरवरी 2026 पंचांग: शनि देव को प्रसन्न करने के अचूक उपाय
लापता बच्चों के नाम
लापता बच्चों में 7 वर्षीय निशा कुमारी और 5 वर्षीय रमेश कुमार (पिता – राजेश बिरहोर),8 वर्षीय सजनी बिरहोर (पिता – केला बिरहोर),बिरजू बिरहोर, मिथुन बिरहोर, शिवानी बिरहोर, कल्पना बिरहोर (सभी के पिता – धनकू बिरहोर),8 वर्षीय रेखा बिरहोर (पिता – सुरेश बिरहोर)
और 6 वर्षीय अनीषा बिरहोर (पिता – बुधन बिरहोर) शामिल हैं।
बिरहोर समुदाय के लोगों ने बताया कि वे बेहद गरीब और वन क्षेत्र पर निर्भर हैं, ऐसे में बच्चों का अचानक गायब होना उनके लिए बड़ा संकट है। जिला परिषद सदस्य केदारनाथ यादव ने भी पुलिस प्रशासन से मांग की है कि लापता बच्चों की खोजबीन युद्धस्तर पर की जाए और जल्द से जल्द बच्चों को सुरक्षित बरामद किया जाए।
पुलिस का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है। लापता बिरहोर बच्चों की तलाश में स्थानीय लोगों से भी सहयोग लिया जा रहा है। संभावित मानव तस्करी, बहकावे या रास्ता भटकने जैसे सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
