
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश विधानसभा का बहुप्रतीक्षित मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। यह सत्र मात्र चार दिनों का होगा, लेकिन इसकी कार्यवाही कई मामलों में विशेष रहने वाली है। सत्र के दौरान एक दिन विधानसभा की कार्यवाही लगातार 24 घंटे तक चलेगी, जो राज्य के संसदीय इतिहास में एक अहम पहल होगी।
सरकार इस दौरान अपने-अपने विभागों के विजन डॉक्यूमेंट पेश करेगी, जिसके माध्यम से आगामी वर्षों के विकास रोडमैप को सार्वजनिक किया जाएगा। 13 अगस्त को विधानसभा और विधान परिषद – दोनों सदनों में विजन डॉक्यूमेंट पर विस्तृत चर्चा होगी।
वहीं, विपक्ष इस सत्र में सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। स्कूलों के विलय, पीडीए (प्राथमिक शिक्षा) कक्षाओं, और बिजली के निजीकरण जैसे मुद्दों पर विपक्ष हंगामा करने की योजना बना रहा है। इसके अलावा, महंगाई, कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी के मुद्दों पर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया जा सकता है।
राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा है कि सीमित अवधि का यह सत्र भी तीखी नोकझोंक, आरोप-प्रत्यारोप और गरमागरम बहसों का गवाह बनेगा। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने मुद्दों को लेकर सदन में आक्रामक रुख अपनाने वाले हैं।