प्रधानमंत्री ने खालिस्तानी गतिविधियों पर जताई चिंता, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा पर दिया जोर

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर से मुलाकात के दौरान कट्टरपंथी विचारधाराओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए लोकतांत्रिक स्वतंत्रताओं का दुरुपयोग करने वाली ताकतों” के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जाना चाहिए।

यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ब्रिटेन में खालिस्तान समर्थक गतिविधियों और प्रदर्शनकारियों की बढ़ती सक्रियता को लेकर भारत लगातार अपनी चिंता जाहिर करता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस प्रकार की विचारधाराएं केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए भी खतरा हैं।

पहलगाम आतंकी हमले की निंदा पर जताया आभार
प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले की कड़ी निंदा करने के लिए ब्रिटेन सरकार और प्रधानमंत्री स्टारमर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी प्रकार के दोहरे मानदंड की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।”

दोनों नेताओं ने इस मुद्दे पर साझा दृष्टिकोण अपनाने की प्रतिबद्धता जताई और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल कड़े बयान देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे व्यवहारिक कार्रवाई में भी तब्दील किया जाना चाहिए।

मुक्त व्यापार समझौते पर हुई प्रगति
दोनों देशों के बीच चल रही मुक्त व्यापार समझौता वार्ताओं को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिले। मोदी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए यह समझौता एक मजबूत नींव रखेगा।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल व्यापार या द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने वैश्विक सुरक्षा और लोकतंत्र की रक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर भी मजबूती से भारत का पक्ष रखा। ब्रिटेन से अपेक्षित है कि वह इस दिशा में ठोस कदम उठाए ताकि भारत-ब्रिटेन रिश्तों में विश्वास और मजबूती बनी रहे।