
जिम्मेदार बेखबर, लाखों की योजना बेकार, जनता नाराज़
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन की एक और तस्वीर नगर पंचायत चौक में बदहाल हालातों के बीच उजागर हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छावनी माने जाने वाले इस क्षेत्र में करोड़ों की योजनाओं के तहत मोबाइल टॉयलेट लगाए गए थे, ताकि नागरिकों को खुले में शौच की समस्या से मुक्ति मिले। लेकिन लापरवाह प्रशासन और नगर पंचायत की अनदेखी के चलते यह टॉयलेट अब महज शो-पीस बनकर रह गए हैं।
जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत चौक के कई वार्डों में शासन की ओर से लाखों रुपये खर्च कर मोबाइल टॉयलेट लगाए गए थे। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि इससे साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर होगी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। कहीं टॉयलेट ताले में बंद हैं, तो कहीं वे उखड़कर नहर किनारे या गौशाला के पास फेंके पड़े हैं।
वार्ड नंबर 4 सेनानी नगर में नहर पटरी पर, वहीं जलकल स्थित गौशाला के पास, और वार्ड नंबर 12 के फॉरेस्ट रोड पर बने टॉयलेट वर्षों से बंद पड़े हैं। कई अन्य जगहों पर तो इनकी लोकेशन तक का पता नहीं है। इस बाबत नागरिकों ने कई बार शिकायत भी की, लेकिन नगर पंचायत के जिम्मेदारों ने कोई सुध नहीं ली।
स्थानीय निवासी सुनील गुप्ता, साधु गुप्ता, मनोज पटेल, दुर्गेश, विभूति यादव, देवशरण मद्धेशिया, संजय गौड़, गोलू, विक्की, अजय अग्रहरी आदि ने आरोप लगाया कि यह योजना सिर्फ दिखावे तक सीमित है। लाखों का भुगतान हो चुका है, लेकिन सुविधा आम लोगों को नहीं मिल रही।
लोगों का कहना है कि नगर पंचायत के अधिकारी सरकार के धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। क्षेत्रीय जनता गंभीर असुविधा से जूझ रही है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह से मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल हस्तक्षेप कर इन टॉयलेट्स को चालू और व्यवस्थित किया जाए।
इस संबंध में अधिशासी अधिकारी ओमप्रकाश यादव से संपर्क साधने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया, जिससे नगरवासियों की नाराजगी और भी बढ़ गई है।
