Sunday, February 8, 2026
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मनरेगा बचाओ यात्रा सलेमपुर पहुंची, युवाओं ने सरकार पर साधा निशाना

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। चौरी-चौरा से बनारस के लिए निकली गांधीवादी युवाओं की मनरेगा बचाओ यात्रा शुक्रवार को सलेमपुर के गांधी चौक पहुंची। यात्रा के दौरान युवाओं ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमाओं पर नुक्कड़ सभा आयोजित की। इस मौके पर युवा कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष केशव चंद यादव भी यात्रा में शामिल हुए।

नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए यात्रा में शामिल रजत सिंह ने कहा कि देश में गरीबों और ग्रामीण मजदूरों को अधिकार व संबल देने वाली योजनाएं लगातार समाप्त की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार को गांधी, नेहरू और सुभाष जैसे आज़ादी के नायकों से भी वैचारिक विरोध है, इसी कारण महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी मनरेगा योजना को कमजोर कर दिया गया है।

सलेमपुर से आगे बढ़ते हुए यह साइकिल यात्रा भागलपुर (देवरिया) पहुंची, जहां रास्ते में यात्रियों ने स्थानीय लोगों से संवाद कर मनरेगा से जुड़े मुद्दों की जानकारी दी।

इस दौरान केशव चंद यादव ने कहा कि कांग्रेस की यूपीए सरकार ने मनरेगा के जरिए ग्रामीण भारत को रोजगार और सम्मान की गारंटी दी थी, लेकिन वर्तमान सरकार मजदूर-विरोधी नीतियां लागू कर रही है और पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए मनरेगा को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है।

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यात्रा में शामिल जय मौर्य ने कहा कि मनरेगा के तहत मिलने वाला 100 दिन का रोजगार, न्यूनतम मजदूरी और कानूनी सुरक्षा को कमजोर कर दिया गया है। पंचायतों से काम चुनने का अधिकार छीन लिया गया है, जिससे दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, महिलाओं और भूमिहीन मजदूरों के रोजगार अधिकार पर सीधा हमला हो रहा है।

बताया गया कि मनरेगा बचाओ यात्रा 30 दिनों में चौरी-चौरा से बनारस तक पहुंचेगी, इस दौरान युवा विभिन्न गांवों में जाकर लोगों से संवाद करेंगे।

मनरेगा बचाओ यात्रा की प्रमुख मांगें

• काम का संवैधानिक अधिकार बहाल किया जाए

• मजदूर-विरोधी VB-G RAM G कानून वापस लिया जाए

• न्यूनतम मजदूरी ₹400 प्रतिदिन तय की जाए

यात्रा में देवरिया, मऊ, कुशीनगर, आजमगढ़, बलिया, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत कई जिलों व राज्यों के युवा शामिल रहे।

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