देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जनपद में सरकारी भूमि पर कथित रूप से किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन की सख्ती जारी है। इसी क्रम में अब्दुलगनी शाह की मजार पर रविवार से बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासन की टीम ने पहले दिन मजार के गुंबद और मुख्य ढांचे को गिराया, लेकिन रात हो जाने के कारण कार्रवाई अस्थायी रूप से रोक दी गई। सोमवार सुबह भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर से मजार के शेष हिस्से को गिराने का काम फिर से शुरू किया गया।
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प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह भूमि सरकारी अभिलेखों में दर्ज है और यहां लंबे समय से अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं। कई बार नोटिस और चेतावनी के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई। क्षेत्र में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे।
इस बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) यूथ ब्रिगेड के जिला अध्यक्ष आरएस सिद्दीकी ने मजार गिराए जाने का विरोध दर्ज कराया। वे एक तख्ती लेकर मौके पर पहुंचे, जिस पर लिखा था— “देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है”। सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की जा रही है और मजार गिराने के लिए कोई स्पष्ट लिखित आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं और जो भी उनके साथ खड़ा होना चाहे, आ सकता है।
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प्रशासन ने हालांकि इन आरोपों को निराधार बताया है। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है और किसी भी धार्मिक भावना को आहत करने का उद्देश्य नहीं है। पूरे घटनाक्रम पर जिले की निगरानी बनी हुई है।
