पाकिस्तानी आतंकवादियों के खात्मे के बाद केंद्र की सख्त नीति का संदेश, गृहमंत्री अमित शाह ने दिए पुख्ता सबूत जुटाने के निर्देश

आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति फिर हुई साबित

नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बीते दिनों सुरक्षा बलों ने तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को एक सटीक और साहसिक ऑपरेशन में मार गिराया। इस कार्रवाई ने न केवल सैन्य दृष्टिकोण से एक बड़ी सफलता अर्जित की, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत सरकार की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति को भी स्पष्ट रूप से दर्शाया। ऑपरेशन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मुठभेड़ को महज एक सुरक्षात्मक कदम नहीं बल्कि भारत की आतंकवाद के खिलाफ आक्रामक और निर्णायक रणनीति का हिस्सा बताया। उन्होंने सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को निर्देश दिए कि इन आतंकियों के पाकिस्तानी संबंधों और नेटवर्क को लेकर सभी सबूतों को वैज्ञानिक और कानूनी दृष्टि से मजबूत किया जाए, ताकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी पाकिस्तान की भूमिका को बेनकाब किया जा सके। गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, मारे गए आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, पाकिस्तान निर्मित वस्तुएं, सैटेलाइट फोन और संवेदनशील दस्तावेज बरामद हुए हैं। इनसे यह पुष्टि होती है कि आतंकवादी पाकिस्तानी एजेंसियों के इशारे पर भारत में अशांति फैलाने की नीयत से आए थे। स्थानीय जनता को मिला भरोसा इस ऑपरेशन के बाद स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है। सुरक्षाबलों की मुस्तैदी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि घाटी में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है। नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि सरकार की इसी प्रकार की नीति से घाटी में शांति और स्थायित्व स्थापित होगा। इस सफल ऑपरेशन के माध्यम से भारत ने वैश्विक स्तर पर यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। भारत अब सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं करता, बल्कि आतंकवाद की जड़ों को खत्म करने की दिशा में ठोस कार्रवाई कर रहा है। पहलगाम ऑपरेशन के बाद केंद्र सरकार और सुरक्षा बलों की त्वरित व निर्णायक कार्रवाई ने एक बार फिर भारत की आतंकवाद के प्रति असहिष्णु नीति को प्रमाणित किया है। यह घटना सिर्फ एक मुठभेड़ नहीं, बल्कि आतंकवाद के विरुद्ध एक कड़ा संदेश है—कि भारत अब आतंकियों को न तो बख्शेगा, न ही उनके पीछे छिपे देशों को।

Karan Pandey

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