25 तक उपस्थिति सत्यापन और 28 तक वेतन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश, नई व्यवस्था से जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति तथा वेतन भुगतान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। नवनियुक्त कुलपति प्रो. केपी सिंह के निर्देश पर विश्वविद्यालय के सभी स्थायी शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक माह की पहली तारीख को पिछले माह का वेतन संबंधित शिक्षक और कर्मचारी के बैंक खाते में भेजने की तैयारी की गई है। इसके लिए प्रत्येक माह की 25 तारीख तक पिछले माह की बायोमेट्रिक उपस्थिति का सत्यापन पूरा करना होगा। शिक्षक और कर्मचारी अपने विभागाध्यक्ष, निदेशक, समन्वयक, अधिष्ठाता अथवा अध्यक्ष के माध्यम से अपनी बायोमेट्रिक उपस्थिति का सत्यापन कराएंगे।सत्यापित उपस्थिति कम्प्यूटर सेंटर को उपलब्ध कराई जाएगी। इसी के आधार पर वेतन भुगतान की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने वेतन प्रक्रिया से जुड़ी सभी औपचारिकताएं प्रत्येक माह की 28 तारीख तक पूरी करने के निर्देश दिए हैं।इसके बाद वित्त अधिकारी कार्यालय की ओर से अगले माह की पहली तारीख को संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों के बैंक खातों में वेतन भेजा जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि बायोमेट्रिक उपस्थिति और निर्धारित समय-सारिणी से उपस्थिति व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ेगी तथा वेतन भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समयबद्ध होगी।कुलपति प्रो. केपी सिंह ने विश्वविद्यालय में कार्य संस्कृति को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया है। नई व्यवस्था को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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