पैसा ही सब कुछ नहीं होता है,
अब तक जो मिला वह बहुत है,
और कितना अधिक कमाएँगे,
इस उम्र में हम कितना खाएंगे।
भारत सरकार ने दिया बहुत है,
ज्यादा उम्मीद करना ही क्यों है,
कहीं ऐसा फिर बाद में न हो जाये,
बची खुची इज़्ज़त भी चली जाये।
नियति और ईमान हमारा बना रहे,
क़र्म हमारे मानवता से भरे हुये हों,
हक़ किसी और का कभी न छीनूँ मैं,
धोखा न किसी को दूँ जीवन में मैं।
चाहत अपनी धर्म की ख़ातिर हो,
कोई लड़ाई हो, न्याय की ख़ातिर हो,
जीत हार का हश्र सदा न्यायोचित हो,
जीवन देश धर्म के लिये सुरक्षित हो।
हे ईश तेरी सदकृपा का सहारा
हमको सदा यूँ ही मिलता रहे,
तेरे स्मरण और ध्यान में मेरा,
सारा समय यूँ ही कटता रहे।
तेरी आराधना व वन्दना ही
सदा ही हों मेरी क़र्मशाला,
दुर्मति हमारी हमसे दूर जाये,
आदित्य हृदय हो सुमतिशाला।
कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’
बढ़नी-नकहा पैसेंजर ट्रेन से हुआ हादसा, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव महराजगंज (राष्ट्र की…
संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। श्रावण मास के प्रथम सोमवार को तामेश्वरनाथ धाम शिव मंदिर में…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अपने दिव्यांग पूर्व छात्र सुनील कुमार…
खलीलाबाद में डीएम आलोक कुमार ने की जनसुनवाई, अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के…
पडरौना(राष्ट्र की परम्परा)l जिला जज और अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर संजीव कुमार त्यागी…
परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ ने शिक्षा विभाग को सौंपा ज्ञापन पटना(राष्ट्र की परम्परा)l बिहार में शिक्षकों…