मनोज तिवारी 30 साल बाद करेंगे बाबाधाम की पदयात्रा, 100 किमी से अधिक लंबी कांवड़ यात्रा का करेंगे संकल्प

नई दिल्ली।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी एक बार फिर अपनी आस्था और पूर्वांचली जुड़ाव का परिचय देने जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को वे बिहार के सुल्तानगंज से झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक कांवड़ यात्रा पर निकलेंगे। यह यात्रा 100 किलोमीटर से भी अधिक लंबी होगी, जिसे वे पैदल तय करेंगे।

मनोज तिवारी ने बुधवार को एक संक्षिप्त बयान में कहा, “करीब 30 साल बाद, मैं पुनः बाबा धाम की कांवड़ यात्रा करने जा रहा हूं। यह यात्रा तीन अगस्त तक पूरी कर ली जाएगी।”

उन्होंने यह भी कहा कि इस बार की यात्रा उनके लिए विशेष है, क्योंकि वह न केवल अपनी श्रद्धा के साथ जुड़ाव के कारण जा रहे हैं, बल्कि दिल्ली और बिहार की जनता समेत देशवासियों की मंगलकामना और कल्याण की प्रार्थना भी करेंगे।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली से तीन बार सांसद रह चुके तिवारी भाजपा में पूर्वांचली मतदाताओं के प्रभावशाली चेहरे माने जाते हैं। वे दिल्ली भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं और पार्टी के सांस्कृतिक एवं धार्मिक अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

बताया जा रहा है कि तिवारी की यह यात्रा केवल व्यक्तिगत आस्था तक सीमित नहीं, बल्कि यह उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बन रही है। भाजपा के कई स्थानीय नेता व समर्थक भी यात्रा के विभिन्न हिस्सों में उनके साथ जुड़ सकते हैं।
श्रावण मास में गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ को अर्पित करने की परंपरा को कांवड़ यात्रा कहा जाता है। सुल्तानगंज से गंगाजल भरकर श्रद्धालु देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग तक पैदल यात्रा करते हैं। यह यात्रा आस्था, संकल्प और आत्मशुद्धि का प्रतीक मानी जाती है।

मनोज तिवारी की इस पहल को धार्मिक आस्था और जनता के बीच संवाद का एक मजबूत माध्यम माना जा रहा है।

Editor CP pandey

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