कोलकाता (राष्ट्र की परम्परा)।प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आईटी प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर की गई छापेमारी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है। गुरुवार सुबह हुई इस कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे केंद्र सरकार की राजनीतिक बदले की नीति करार दिया। खबर मिलते ही सीएम ममता बनर्जी स्वयं प्रतीक जैन के घर पहुंचीं और ईडी की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए।
ममता बनर्जी का तीखा बयान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक दलों से जुड़े आईटी पेशेवरों को निशाना बनाना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि क्या जांच एजेंसियों का इस तरह उपयोग करना उनकी जिम्मेदारी है। ममता ने इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
किस मामले में हुई कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की यह छापेमारी वित्तीय अनियमितताओं और फर्जी नौकरी दिलाने के कथित घोटाले से जुड़ी जांच के तहत की गई है। बताया जा रहा है कि एक संगठित गिरोह सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे वसूल रहा था। हालांकि, अब तक ईडी की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
6 राज्यों में एकसाथ छापे
गुरुवार को ईडी ने देश के 6 राज्यों में करीब 15 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। इसी क्रम में कोलकाता स्थित I-PAC कार्यालय में भी तलाशी ली गई, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर और तेज हो गया।
सियासी घमासान
इस कार्रवाई के बाद तृणमूल कांग्रेस ने इसे केंद्र सरकार की साजिश बताया है, जबकि विपक्ष का कहना है कि जांच एजेंसियां कानून के तहत अपना काम कर रही हैं। आने वाले दिनों में यह मामला बंगाल की राजनीति में और गर्माहट ला सकता है।
