महायोगी गुरु गोरखनाथ ड्रोन टेक्नोलॉजी लैब का शुभारंभ, छात्रों को मिला हाईटेक प्रशिक्षण का नया मंच

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) परिसर में रविवार को “महायोगी गुरु गोरखनाथ ड्रोन टेक्नोलॉजी लैब” का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ। यह अत्याधुनिक लैब ड्रोन तकनीक, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जिससे पूर्वांचल के छात्रों को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण और नए अवसर मिलेंगे।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. पूनम टंडन रहीं। इस अवसर पर ‘ड्रोन मैन ऑफ इंडिया’ राहुल सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, ऐष्प्रा फाउंडेशन के संस्थापक अतुल साराफ, एसआईएफ फाउंडेशन के निदेशक जितेंद्र बहादुर सिंह, आईईटी के डीन प्रो. हिमांशु पांडेय, निदेशक प्रो. एस. एन. तिवारी तथा ईसीई विभागाध्यक्ष प्रो. नरेंद्र यादव की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय रोबोएक्स टीम द्वारा पेशेवर ढंग से किया गया, जिससे आयोजन सुव्यवस्थित और प्रभावी रहा।
अपने संबोधन में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह लैब विश्वविद्यालय में तकनीकी शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी और छात्रों को अनुसंधान व नवाचार के लिए प्रेरित करेगी। राहुल सिंह ने ड्रोन उद्योग की बढ़ती संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए इसे भविष्य के विशेषज्ञ तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर बताया।
अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने तकनीक और सुरक्षा के समन्वय पर बल देते हुए कहा कि ड्रोन तकनीक कानून व्यवस्था और निगरानी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अतुल साराफ ने युवाओं को स्टार्टअप और नवाचार के लिए प्रेरित करते हुए इसे भविष्य उन्मुख कदम बताया।
एसआईएफ फाउंडेशन के निदेशक जितेंद्र बहादुर सिंह ने ऐसे नवाचारों को निरंतर सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई। आईईटी के डीन प्रो. हिमांशु पांडेय ने इसे संस्थान की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा के लिए प्रेरित किया।
निदेशक प्रो. एस. एन. तिवारी ने कहा कि यह लैब उद्योगोन्मुखी कौशल विकास में सहायक सिद्ध होगी, जबकि ईसीई विभागाध्यक्ष प्रो. नरेंद्र यादव ने छात्रों के तकनीकी कौशल को सुदृढ़ करने का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम के अंत में रोबोएक्स टीम ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में ऐसे नवाचार आधारित आयोजनों को जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह पहल विश्वविद्यालय के साथ-साथ पूरे पूर्वांचल क्षेत्र के लिए तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

पेमे की पहली ऑफलाइन ब्रांच शुरू क्रेडिट एक्सेस को मिलेगा बढ़ावा

गिरजेश शुक्ला ने किया उद्घाटन लाप 20 लाख व पर्सनल लोन 5 लाख तक की…

14 hours ago

आबादी और कोटही माता मंदिर के बीच संचालित शराब की दुकानों पर ग्रामीणों का विरोध

जांच कर दुकानों को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग, शाम होते ही लगती है भीड़…

14 hours ago

भेषजिक मुख्य परीक्षा 29 जून को

14 केंद्रों पर 6432 अभ्यर्थी होंगे शामिल एक पाली में होगी परीक्षा, सुरक्षा व निष्पक्षता…

14 hours ago

2.25 करोड़ की लागत से 12 सड़कों का शिलान्यास, बृजमनगंज के आठ वार्डों की बदलेगी तस्वीर

नगर पंचायत अध्यक्ष बोले- विकास कार्यों में गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता, समयबद्ध तरीके से…

14 hours ago

1200 मतदाताओं के आधार पर मतदेय स्थलों के पुनर्निर्धारण की समय-सारिणी जारी

4 जुलाई को प्रकाशित होगी मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची, 31 जुलाई तक आयोग को…

14 hours ago

देवरिया में गैस सिलेंडर वितरित कर रहे हॉकर को तेज रफ्तार जिप्सी ने मारी टक्कर, गंभीर घायल

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया शहर में गैस सिलेंडर वितरित कर रहे एक हॉकर को…

2 days ago