Wednesday, January 14, 2026
HomeUncategorizedमहंगाई की मार से त्रस्त महराजगंज, आम आदमी की रसोई और बजट...

महंगाई की मार से त्रस्त महराजगंज, आम आदमी की रसोई और बजट दोनों प्रभावित

डॉ.सतीश पाण्डेय

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। देश में लगातार बढ़ती महंगाई का असर अब महराजगंज जिले में गहराई से महसूस किया जाने लगा है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक, हर वर्ग महंगाई की चपेट में है। सीमित आय में जीवन यापन करने वाले मध्यम वर्ग, किसान और दिहाड़ी मजदूरों के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना कठिन होता जा रहा है।
महराजगंज, नौतनवां, फरेंदा और निचलौल की सब्जी मंडियों में टमाटर, प्याज, आलू और हरी सब्जियों के दामों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। दाल, चावल, आटा और खाद्य तेल की कीमतें भी आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। बढ़ती कीमतों का सीधा असर लोगों की थाली पर पड़ रहा है, जिससे पोषण का स्तर भी प्रभावित हो रहा है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर जिले की परिवहन व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। नेपाल सीमा से सटे होने के कारण माल ढुलाई और यातायात लागत पहले से ही अधिक रहती है, जिसके कारण आवश्यक वस्तुएं बाजार तक पहुंचते-पहुंचते और महंगी हो जाती हैं। इसका बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर ही पड़ता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और पशुपालकों की परेशानी और बढ़ गई है। डीजल, खाद, बीज और पशु चारे की कीमतों में वृद्धि से खेती और पशुपालन घाटे का सौदा बनते जा रहे हैं। इसका असर दूध, सब्जी और अनाज की कीमतों पर भी पड़ रहा है, जिससे जिले में महंगाई का दायरा और फैलता जा रहा है।
रसोई गैस और बिजली दरों में बढ़ोतरी ने घरेलू बजट को और बोझिल बना दिया है। कई ग्रामीण परिवार गैस सिलेंडर के बजाय लकड़ी और उपलों का सहारा लेने को मजबूर हैं, जिससे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। दवाइयों और इलाज के खर्च में वृद्धि ने गरीब परिवारों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं।
महंगाई पर नियंत्रण के लिए सरकार की ओर से विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जिले के बाजारों में इनका असर सीमित नजर आ रहा है। जमाखोरी, कालाबाजारी और बाजार की प्रभावी निगरानी के अभाव में उपभोक्ताओं को अपेक्षित राहत नहीं मिल पा रही है। स्थानीय स्तर पर सख्त कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही है।
आर्थिक जानकारों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि महंगाई पर काबू पाने के लिए जिला स्तर पर नियमित बाजार निरीक्षण, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना और जमाखोरों पर कठोर कार्रवाई जरूरी है। साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ाने और आमदनी में वृद्धि किए बिना महंगाई की मार से राहत संभव नहीं है।
कुल मिलाकर, महराजगंज जिले में महंगाई अब आम जनजीवन की सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है। आम जनता को राहत दिलाने के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाना समय की मांग है, ताकि जिले में आर्थिक संतुलन बना रहे और जीवन यापन आसान हो सके।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments